“इंटरनेशनल जन्मंगल कन्वेंशन: हर माह एक उपवास अभियान”

12–13 दिसंबर को दिल्ली एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। पहली बार, योग, उपवास, ध्यान और भारतीय ज्ञान परंपरा को एक वैश्विक मंच पर एकजुट करते हुए “इंटरनेशनल जन्मंगल कन्वेंशन” का आयोजन हो रहा है। यह सम्मेलन सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि मानव कल्याण की दिशा में एक व्यापक आंदोलन की शुरुआत है — “One Fast Every Month”, यानी हर माह एक उपवास

यह दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम दो महायोगियों — योग ऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज और जैन संत अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज — के दिव्य मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है। दोनों ही संत अपने-अपने क्षेत्र में तप, साधना, योग और भारतीय चिंतन को वैश्विक स्तर तक पहुँचाने के महान कार्य में निरंतर समर्पित रहे हैं।

इंटरनेशनल जन्मंगल कन्वेंशन: क्यों खास है यह सम्मेलन?

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में मानसिक अशांति, शारीरिक बीमारियाँ और जीवनशैली संबंधी रोग बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे समय में, योग, उपवास और ध्यान जैसी भारतीय परंपराएँ दुनिया को नया जीवन देने वाली संजीवनी बनकर उभर रही हैं।

इसी विचार को केंद्र में रखकर जन्मंगल सम्मेलन का मुख्य विषय निर्धारित किया गया है—

“Public Welfare Ki Sahi Drishti: Fasting, Meditation, Yoga aur Bharatiya Vichaar.”

दो महान संत, एक ही लक्ष्य – मानव कल्याण

योग ऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज

योग को विश्वपटल पर पहुँचानें वाले वह संत हैं, जिनकी वजह से “योग” भारत की सीमाओं से निकलकर विश्व संस्कृति का हिस्सा बन चुका है। “हरिद्वार से हर घर तक” योग की इस यात्रा में स्वामी रामदेव जी का योगदान अविस्मरणीय है।

अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज

असंख्य तपों और उपवासों से सुशोभित—

557 दिनों का अनूठा निरंतर उपवास
आज तक 3,500+ उपवास

इन अद्वितीय साधनाओं के कारण उन्हें सम्मानित उपाधि मिली — “उपवास साधना शिरोमणि”
उनका संदेश स्पष्ट है—

“उपवास सिर्फ शरीर के लिए नहीं, मन, विचार और समाज की शुद्धि का मार्ग है।”

‘One Fast Every Month’ — एक वैश्विक संकल्प की शुरुआत

इस सम्मेलन में औपचारिक रूप से उस महान अभियान की शुरुआत होगी जिसका उद्देश्य है—
हर व्यक्ति एक माह में सिर्फ एक उपवास करे, और समाज में ऊर्जा, जागरूकता और स्वास्थ्य का वातावरण बने।

यह अभियान सिर्फ धार्मिक या आध्यात्मिक पहल नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्म-संयम का वैश्विक आंदोलन है।

उद्देश्य है—

  • तनाव-मुक्त जीवन

  • स्वस्थ शरीर

  • सशक्त मन

  • समाजिक जागरण

  • आत्मिक उत्थान

सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रमुख व्यक्तित्व

इस आयोजन की भव्यता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि देशभर से नीति-निर्माता, योग-आचार्य, वैज्ञानिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और संत एक साथ मंच साझा करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होंगे—

राजनीतिक और राष्ट्रीय नेतृत्व
  • लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला

  • केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी

  • केंद्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत

  • केंद्रीय मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव

  • दिल्ली मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता

  • दिल्ली के कैबिनेट मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह और श्री कपिल मिश्रा

  • सांसद श्री सुधांशु त्रिवेदी

  • सांसद श्री योगेन्द्र चंदोलिया
धार्मिक संतों का पावन सान्निध्य
  • आचार्य बालकृष्ण जी महाराज

  • गीता मनीषी महामंडलेश्वर ज्ञानानंद जी महाराज

  • महंत बलकनाथ योगी जी महाराज

  • बागेश्वर सरकार धीरेंद्र शास्त्री जी — डिजिटल संबोधन
शिक्षा व चिकित्सा जगत के दिग्गज
  • भारत शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन श्री एन. पी. सिंह

  • लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. एस. के. सरीन

  • पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. अनुराग वर्श्नेय

इन प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों का समागम दर्शाता है कि उपवास, योग और भारतीय संस्कृति का यह संदेश सिर्फ अध्यात्म नहीं, बल्कि नीति, विज्ञान और समाज की धड़कन बन चुका है।

इंटरनेशनल जन्मंगल कन्वेंशन: जनकल्याण के नए युग की शुरुआत

यह सम्मेलन आने वाले समय में भारत के नेतृत्व में वैश्विक उपवास-योग आंदोलन को जन्म दे सकता है।
इसके लक्ष्य—

  • स्वस्थ विश्व समाज

  • सकारात्मक और संतुलित जीवनशैली

  • संयम आधारित व्यवहार संस्कृति

  • आध्यात्मिक और मानसिक उन्नति

“हर माह एक उपवास” का संकल्प न सिर्फ व्यक्तिगत परिवर्तन लाएगा, बल्कि सामूहिक चेतना को भी जागृत करेगा।

क्यों उपवास दुनिया का नया मंत्र बन रहा है?

  • वैज्ञानिक रूप से सिद्ध — उपवास immunity, metabolism, और longevity को बढ़ाता है

  • मानसिक रूप से — ध्यान, शांति और clarity को बढ़ाता है

  • सामाजिक रूप से — अनुशासन और संयम की संस्कृति को बढ़ावा

  • आध्यात्मिक रूप से — अहिंसा, करुणा और आत्म-शुद्धि का मार्ग

भारत एक बार फिर दुनिया को उपवास और योग जैसे शाश्वत सिद्धांतों से जोड़कर मानवता के भविष्य को नए आयाम देने जा रहा है।

https://news24online.com/information/international-janmangal-convention-bharat-mandapam-delhi/683864/

निष्कर्ष: मानवता के उज्ज्वल कल का संकल्प

इंटरनेशनल जन्मंगल कन्वेंशन 2025 सिर्फ एक आयोजन नहीं —
यह मानवता के पुनरुत्थान का घोषणापत्र है।
यहां से उठेगा वह संदेश, जो दुनिया को सिखाएगा—
“योग से शरीर सुधारे, ध्यान से मन, और उपवास से आत्मा।”

भारतीय संस्कृति का यह उजाला एक बार फिर विश्वव्यापी मार्गदर्शक बनने जा रहा है, और इसकी शुरुआत दिल्ली में 12–13 दिसंबर को होने वाले इस ऐतिहासिक सम्मेलन से होगी।

Also Read: https://jinspirex.com/mandu-tourist-spot-chhappan-mahal-the-living-heritage-of-jain-history/

Discover More Blogs

मटका: गर्मी आते ही घड़ा याद आता है।लेकिन सही घड़ा चुनना बहुत जरूरी है। हर मिट्टी का घड़ा सुरक्षित नहीं होता।हर सुंदर दिखने वाला घड़ा उपयोगी नहीं होता। पानी सीधा शरीर में जाता है।इसलिए चयन सोच-समझकर करें। यह लेख आपको

449 views

Gen Z: Why Bhakti Nights Feel Better Than DJ Nights View this post on Instagram A post shared by Sambhav Jain (@sambhav_jain_rsj) Gen Z: Have you ever gone out for a partyand still felt empty after coming back? The music

254 views

सुमति धाम, इंदौर : 27 अप्रैल — रविवार सुबह इंदौर की फिजाओं में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे शहर को धर्ममय कर दिया। सुमति धाम में आयोजित आचार्य विशुद्धसागर जी महाराज

435 views

Gold Investment: Are You Investing Smartly or Just Following the Crowd? Gold Investment: Gold prices are rising fast. Many people are talking about it. Some are rushing to buy. But pause for a moment. Ask yourself a simple question. Are

339 views

तीर्थ(Tirth): आजकल सोशल मीडिया खोलते ही बार-बार कुछ दृश्य सामने आते हैं—तीर्थ स्थलों पर बनाई जा रही अशोभनीय रील्स,पवित्र स्थानों पर हँसी-मज़ाक, शोर-शराबा,कहीं कचरा फैलता हुआ, तो कहीं आस्था को कंटेंट में बदल दिया गया है। ऐसे में मन अपने-आप

453 views

Indore News Sept 15: इंदौर में हुए हालिया हादसे ने शहर और लोगों को झकझोर कर रख दिया। जैन दृष्टिकोण से देखें तो यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की कमज़ोरी और लापरवाही का परिणाम है। Indore News Sept

585 views

Latest Article

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.