उत्तम मार्दव धर्म: पराग शाह की कहानी से सीखें ‘मैं’ को छोड़ना

उत्तम मार्दव धर्म: पराग शाह की कहानी

उत्तम मार्दव धर्म: आज दशलक्षण पर्व का दूसरा दिन है। आज का दिन उत्तम मार्दव धर्म को समझने और जीवन में उतारने का अवसर देता है।

इस धर्म का अर्थ है अहंकार यानी मान कषाय का त्याग और कोमलता एवं विनम्रता को अपनाना। धन, यौवन, बल, ज्ञान, कुल और प्रतिष्ठा का अभिमान मन को कठोर बना सकता है। उत्तम मार्दव धर्म इसी अहंकार को कम करके मन को विनम्र बनाने की सीख देता है।

इस धर्म की सीख केवल पढ़ने तक सीमित नहीं है। इसे जीवन के अनुभवों से भी समझा जा सकता है। पराग शाह की कहानी इसी बात को एक अलग और प्रेरक तरीके से सामने रखती है।

जब करोड़ों की संपत्ति वाला व्यक्ति सड़क पर मदद मांगने लगा

मुंबई के घाटकोपर पूर्व की सड़कों पर एक दिन एक ऐसा व्यक्ति लोगों से मदद मांग रहा था, जिसकी असली पहचान शायद ही कोई जानता हो। वह राहगीरों से पैसे और खाने के लिए मदद मांग रहा था।

किसी ने उसे नजरअंदाज किया, किसी ने मना कर दिया और कुछ लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार पैसे या खाने की चीजें दीं।

लेकिन वह कोई सामान्य भिखारी नहीं था। वह थे पराग शाह, घाटकोपर पूर्व से विधायक और करोड़ों की संपत्ति वाले व्यवसायी। कुछ समय के लिए उन्होंने अपनी पहचान, पद और सुविधाओं को पीछे रखकर आम लोगों के बीच रहने का अनुभव लिया।

पराग शाह: आखिर क्यों चुना ऐसा अनुभव?

पराग शाह ने यह अनुभव अपने आध्यात्मिक गुरु राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज की सीख के तहत किया। उद्देश्य था कुछ समय के लिए उस स्थिति को महसूस करना, जिसे समाज का एक जरूरतमंद व्यक्ति रोज जीता है।

इस दौरान उन्हें लोगों के अलग-अलग व्यवहार का अनुभव हुआ। किसी ने मदद की, किसी ने अनदेखा किया और किसी ने भोजन दिया। बाद में उन्होंने मदद करने वाले लोगों से दोबारा मिलकर उनका आभार भी जताया। https://jinspirex.com/uttam-kshama-dharm-maaf-karna-mushkil-hai-apnaye-ye-10-aasan-tarike/

यही अनुभव इस कहानी को खास बनाता है। क्योंकि यह हमें अपनी पहचान से आगे जाकर इंसान को देखने का अवसर देता है।

उत्तम मार्दव धर्म: यहीं से जुड़ती है उत्तम मार्दव धर्म की सीख

उत्तम मार्दव धर्म हमें मान कषाय यानी अहंकार का त्याग करना सिखाता है। जब व्यक्ति अपने पद, धन, ज्ञान या प्रतिष्ठा को अपनी श्रेष्ठता का आधार नहीं बनाता, तब उसके भीतर विनम्रता पैदा होती है।

पराग शाह का यह अनुभव इसी भावना पर सोचने का अवसर देता है। अपनी पहचान और सुविधाओं से बाहर निकलकर आम लोगों के बीच रहना हमें यह सवाल पूछने पर मजबूर करता है कि हमारी असली पहचान आखिर क्या है?

इस प्रेरक कहानी से मिलती हैं 8 बड़ी सीख

1. पद से पहले इंसान

पद और प्रतिष्ठा हमारी सामाजिक पहचान हो सकती है। लेकिन वे हमारी मानवीय पहचान से बड़ी नहीं हैं। सड़क पर मदद मांगते समय पद पीछे था और इंसान सामने था।

उत्तम मार्दव की सीख: पद नहीं, विनम्रता बड़ी है।

2. ‘मैं’ को पीछे रखना सीखें

धन, सफलता और प्रतिष्ठा के साथ ‘मैं’ की भावना बढ़ सकती है। यही भावना धीरे-धीरे अहंकार का रूप ले सकती है। जब ‘मैं’ थोड़ा पीछे होता है, तो दूसरों को समझने की जगह बनती है।

उत्तम मार्दव की सीख: ‘मैं’ घटे, विनम्रता बढ़े।

3. छोटी मदद भी बड़ी होती है

किसी ने पैसे दिए। किसी ने खाना दिया। मदद कितनी बड़ी थी, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण था मदद करने का भाव। जरूरत के समय मिला छोटा सहयोग भी सामने वाले के लिए बहुत मायने रख सकता है।

उत्तम मार्दव की सीख: हर मदद का सम्मान करें।

4. गरीबी सम्मान कम नहीं करती

किसी व्यक्ति के पास धन या सुविधाएं कम हो सकती हैं। लेकिन इससे उसकी गरिमा कम नहीं होती। हर व्यक्ति सम्मान और संवेदना का अधिकारी है।

उत्तम मार्दव की सीख: हर इंसान का सम्मान करें।

5. धन से ऊपर संवेदना है

धन जीवन को सुविधाजनक बना सकता है। लेकिन दूसरे की परिस्थिति को समझने के लिए संवेदना जरूरी है। किसी की स्थिति को करीब से महसूस करना नजरिया बदल सकता है।

उत्तम मार्दव की सीख: धन हो, संवेदना भी हो।

6. सम्मान देना भी जरूरी है

हम अक्सर सोचते हैं कि लोग हमें कितना सम्मान देते हैं। लेकिन हमें यह भी देखना चाहिए कि हम दूसरों को कितना सम्मान देते हैं, खासकर उन लोगों को जिनके पास कम साधन हैं।

उत्तम मार्दव की सीख: सम्मान दें, सम्मान पाएं।

7. अहंकार को पहचानना जरूरी है

अहंकार हमेशा साफ दिखाई नहीं देता। कभी वह दूसरों को छोटा समझने में होता है। कभी अपनी उपलब्धियों पर जरूरत से ज्यादा गर्व करने में और कभी अपने पद को अपनी श्रेष्ठता मानने में।

उत्तम मार्दव की सीख: अहंकार पहचानें, विनम्रता अपनाएं।

8. सच्ची ऊंचाई झुकने में है

जीवन में ऊंचा उठना अच्छी बात है। लेकिन उस ऊंचाई के साथ विनम्र रहना उससे भी जरूरी है। सफलता तब और सुंदर बनती है, जब उसके साथ संवेदना और सरलता भी बनी रहे।

उत्तम मार्दव की सीख: जितना ऊंचा उठें, उतना विनम्र रहें।

कहानी का सबसे बड़ा संदेश

उत्तम मार्दव धर्म हमें धन, पद या सफलता छोड़ने की बात नहीं करता। यह इन सबके साथ जुड़े अहंकार को छोड़ने की सीख देता है।

पराग शाह का यह अनुभव इसी भावना को एक अलग तरीके से सामने रखता है। यह हमें सोचने का अवसर देता है कि हमारे पास कितना धन या कितना बड़ा पद है, यह महत्वपूर्ण हो सकता है। लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण है कि इन सबके बावजूद हमारे भीतर कितनी विनम्रता है।

धन हो, लेकिन घमंड न हो। पद हो, लेकिन श्रेष्ठता का भाव न हो। ज्ञान हो, लेकिन अभिमान न हो। सफलता हो, तो उसके साथ संवेदना भी हो।

दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन हमें अपने भीतर झांककर एक सवाल जरूर पूछना चाहिए—

क्या मेरा ‘मैं’ मेरी विनम्रता से बड़ा हो गया है?

अगर इस सवाल का जवाब हमें अपने भीतर देखने के लिए मजबूर कर दे, तो शायद यही उत्तम मार्दव धर्म की सबसे बड़ी सीख है।

क्योंकि सच्ची महानता दुनिया को खुद से छोटा दिखाने में नहीं, बल्कि खुद के अहंकार को छोटा करने में है।

https://www.aajtak.in/india/maharashtra/story/bjp-mla-parag-shah-worth-5000-crore-begging-on-streets-of-mumbai-video-lclg-strc-2642934-2026-09-15

Discover More Blogs

Ghaziabad Case: On February 4, 2026, early in the morning around 2:15 a.m., a heartbreaking event took place in Bharat City Society, Ghaziabad, near New Delhi. Three sisters — Pakhi (12), Prachi (14), and Nishika (16) — died by suicide

311 views

Terror Attack Pahalgam shook the nation, leaving behind pain, grief, and questions about security. Viewing the incident through the lens of Anekantavada, the Jain principle of multiple perspectives, offers a deeper understanding—reminding us that every tragedy has many sides, and

388 views

मुंबई से वायरल हुआ चौंकाने वाला वीडियो Mumbai Viral Video: हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।यह वीडियो मुंबई के मलाड इलाके का बताया जा रहा है। वीडियो में एक फल विक्रेता फलों पर Ratol

436 views

सतमासिया जैन स्थल: 12 फीट लंबी एकाश्म तीर्थंकर प्रतिमा सतमासिया जैन स्थल: क्या आपने कभी सोचा है कि भोपाल के बेहद करीब एक ऐसी ऐतिहासिक जगह भी हो सकती है, जहां पहुंचकर आपको प्राचीन जैन विरासत के अनमोल निशान देखने

237 views

रोट तीज Roth Teej: पर क्या बनाएं? पारंपरिक भोजन की पूरी थाली रोट तीज Roth Teej: क्या आपने कभी सोचा है कि किसी त्योहार की पूरी पहचान सिर्फ एक खास व्यंजन से जुड़ सकती है? रोट तीज पर ऐसा ही

171 views

Hantavirus Awareness: घर में Rats दिखें तो तुरंत अपनाएं ये Chemical-Free उपाय Hantavirus Awareness: हाल ही में दुनियाभर में Hantavirus को लेकर चिंता बढ़ी है।International cruise exposure cases के बाद health experts लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दे

178 views

Latest Article

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.