361 views
Share:

सुमति धाम इंदौर में आचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज की भव्य आगवानी

सुमति धाम, इंदौर : 27 अप्रैल — रविवार

सुबह इंदौर की फिजाओं में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे शहर को धर्ममय कर दिया। सुमति धाम में आयोजित आचार्य विशुद्धसागर जी महाराज के पट्टाचार्य महोत्सव की पूर्व संध्या पर उनकी भव्य आगवानी का आयोजन किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आनंददायक और प्रेरणादायक रहा।

श्रद्धा और समर्पण से सजी इस शोभायात्रा में हजारों भक्त शामिल हुए, जिन्होंने धार्मिक झांकियों, पुष्पमालाओं और मंत्रोच्चार के माध्यम से नगर को उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर ने न केवल उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रेरित किया, बल्कि पूरे इंदौरवासियों में धर्म और भक्ति के प्रति उत्साह और सम्मान को भी जगाया।यह भव्य आयोजन यह साबित करता है कि जब समर्पण, श्रद्धा और आध्यात्मिकता साथ मिलती हैं, तो समाज में एक सकारात्मक और प्रेरक वातावरण उत्पन्न होता है।

सुमति धाम इंदौर: सुबह 6 बजे महावीर बाग, एयरपोर्ट रोड से आरंभ हुई इस भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु उमड़े। पुरुषों और महिलाओं ने एक जैसी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर अपनी आस्था का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। सजे हुए ऊँठ, श्वेत घोड़े, हाथी और रथों ने इस यात्रा को अद्वितीय सौंदर्य प्रदान किया। रास्ते में जगह-जगह बने स्वागत मंचों पर श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री का जय-जयकार के साथ अभिनंदन किया। समाज के हर वर्ग की उत्साही सहभागिता ने इस आयोजन को और भव्य बना दिया।

सुमति धाम इंदौर पहुँचने के बाद सबसे पहले आचार्यश्री सहित समस्त आचार्यों ने विधिपूर्वक देव दर्शन किए। इसके पश्चात, देशना प्रारंभ होने से पहले परंपरागत रीति से आचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज एवं अन्य आचार्यों का पाद प्रक्षालन श्रद्धापूर्वक संपन्न किया गया। यह भावपूर्ण क्षण समस्त श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा और पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।

आचार्य श्री ने अपनी देशना में जीवन को साधना, संयम और सरलता से भरने की प्रेरणा दी। उनके सरल, प्रभावशाली शब्दों ने श्रद्धालुओं के अंतर्मन को स्पर्श कर साधना के प्रति नवीन ऊर्जा उत्पन्न की।

विशेष आहार चर्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 300 से अधिक चौके सजे थे। भक्तों ने सेवा और समर्पण भाव से आहार व्यवस्था में भाग लिया, जिससे आयोजन का प्रत्येक क्षण भक्ति और अनुशासन का प्रतीक बन गया।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने अपने उद्बोधन में आचार्य भगवंतों, मुनि संघ एवं आर्यिका माताओं को मातृशक्ति की संज्ञा देते हुए कहा कि,

“आप सभी के पावन चरण पड़ने से इंदौर, अहिल्याबाई होलकर की पुण्य भूमि, पुनः धन्य हो गई है।”

उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए विशेष रूप से सपना मनीष गोधा एवं आयोजन समिति को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी।

इस पूरे भव्य आयोजन की संकल्पना और सफल संचालन सपना मनीष गोधा द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी पूरी निष्ठा और समर्पण से इस दिव्य अवसर को अविस्मरणीय बना दिया।

आज की इस भव्य आगवानी ने न केवल इंदौर को धर्मरस में सराबोर किया, बल्कि आने वाले पट्टाचार्य महोत्सव के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह का संचार भी कर दिया।

🔹 पट्टाचार्य महोत्सव आगवानी समारोह – संक्षिप्त FAQ

प्रश्न 1: यह आयोजन किस अवसर पर हुआ था?
उत्तर: यह आयोजन विशुद्धसागर जी महाराज के पट्टाचार्य महोत्सव की पूर्व संध्या पर हुआ।

प्रश्न 2: शोभायात्रा कब और कहाँ से शुरू हुई थी?
उत्तर: शोभायात्रा 27 अप्रैल को सुबह 6 बजे महावीर बाग, एयरपोर्ट रोड से शुरू हुई थी।

प्रश्न 3: शोभायात्रा की प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर: शोभायात्रा में पारंपरिक वेशभूषा में श्रद्धालु, सजे हुए ऊँठ, घोड़े, हाथी, रथ और जगह-जगह स्वागत मंच शामिल थे।

प्रश्न 4: सुमति धाम पहुँचने के बाद क्या कार्यक्रम हुए?
उत्तर: आचार्यों द्वारा देव दर्शन, पाद प्रक्षालन और फिर आचार्यश्री की देशना का आयोजन हुआ।

प्रश्न 5: आचार्य श्री ने अपनी देशना में किस बात की प्रेरणा दी?
उत्तर: जीवन में साधना, संयम और सरलता अपनाने की प्रेरणा दी।

प्रश्न 6: आयोजन में विशिष्ट अतिथि कौन थे?
उत्तर: मध्यप्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यक्रम में भाग लिया।

Also read: https://jinspirex.com/jain-dampatya-shivir-jaipur/

Discover More Blogs

भारतीय रसोई में आलू लगभग हर घर में रोज़मर्रा के खाने का हिस्सा है। सब्ज़ी, नाश्ता, स्नैक्स या हल्की डिश — आलू हर जगह इस्तेमाल होता है। इसके बिना कई व्यंजन अधूरे लगते हैं। लेकिन कुछ लोग स्वास्थ्य कारणों, पाचन

861 views

आपके शयनकक्ष की दीवारों का रंग सिर्फ पेंट नहीं होता—यह आपकी भावनाओं, स्वभाव और रोज़मर्रा की ऊर्जा को प्रभावित करने वाला एक subtle psychological element होता है। Bedroom Wall Colours ऐसे चुने जाने चाहिए जो न केवल सुंदर दिखें, बल्कि

364 views

दशहरा की सीख सिर्फ इस बात पर खत्म नहीं होती कि अच्छाई ने बुराई को हराया—बल्कि यह त्योहार हमें जीवन, रिश्तों और आत्मिक विकास की गहरी समझ देता है। यह त्योहार हमें यह याद दिलाता है कि रावण जैसा कोई

331 views

Shark tank: Stories of Vision, Values & Victory In today’s fast-paced, profit-driven world, where the bottom line often overshadows principles, a remarkable wave of entrepreneurs is proving that success can be achieved without compromising values. Among them, Jain entrepreneurs are

260 views

आज का फ़ैसला — हर डाउनलोड एक वोट है: देश का या विदेश का। हमारा देश अब सिर्फ़ भूगोल का नक्शा नहीं — यह डिजिटल क्रांति का उभरता हुआ नेतृत्व है। जिस तरह आज़ादी के समय करोड़ों भारतीयों ने विदेशी

356 views

क्या आपने कभी गौर किया है — वो चॉकलेट जो दुकान में इतनी चमकदार दिखती है कि दिल तुरंत खरीदने को कर जाए वो इतनी शाइनी होती कैसे है?वो सेब जो सुपरमार्केट में शीशे जैसा दमकता है, या वो टैबलेट

276 views

Latest Article

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.