कल्पना कीजिए—जैसे ही आप राजस्थान के श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन पर कदम रखते हैं, आपको स्वागत के लिए एक अद्भुत दृश्य सामने आता है। स्टेशन के मध्य भाग में एक कलात्मक और भव्य छतरी के नीचे, भगवान महावीर की पद्मासन मुद्रा में प्रतिष्ठित प्रतिमा आपकी दृष्टि में आती है। यह प्रतिमा न केवल भव्यता में अद्वितीय है, बल्कि इसकी ऊँचाई लगभग 11 फीट और वजन करीब 1200 किलो है, जो इसे देखने वालों के लिए सच में मंत्रमुग्ध कर देने वाला अनुभव बनाती है।
यह कोई कल्पना नहीं, बल्कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आकार ले रही सजीव यथार्थ है। इस योजना का उद्देश्य सिर्फ स्टेशन को यात्री सुविधाओं से जोड़ना नहीं, बल्कि उसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र भी बनाना है। स्टेशन पर भगवान महावीर की इस प्रतिमा से यात्रियों के मन में एक शांति और श्रद्धा का भाव उत्पन्न होता है, जो उनकी यात्रा को केवल भौतिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक अनुभव में बदल देता है।
प्रतिमा के चारों ओर का वातावरण, कलात्मक छतरी और सजावट इस स्थल को राजस्थान के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक के रूप में प्रस्तुत करता है। यह परियोजना यह भी दर्शाती है कि आधुनिक यातायात के साथ-साथ संस्कृति, धर्म और कला का सम्मिलन कैसे यात्रियों के अनुभव को और समृद्ध बना सकता है।

श्री महावीर जी स्टेशन: डीवाइन स्वागत, ₹20 करोड़ की योजना
इस परियोजना में लगभग ₹20 करोड़ का निवेश हो रहा है, जो सिर्फ आधारभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं है—यह यात्रियों को एक आध्यात्मिक अनुभव देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
श्री महावीर जी स्टेशन: प्रतिमा की विशिष्टता
- यह 1200 किलो कांस्य प्रतिमा जयपुर स्थित शिल्पकार संतोष कुमार द्वारा ढाली जा रही है, जिनका मार्गदर्शन वास्तुविद राजकुमार कोठारी कर रहे हैं। निर्माण कार्य लगभग एक माह में पूरा होने का अनुमान है ।
- प्रतिमा को 11 फीट ऊँचाई पर छतरी के नीचे, बंशी पहाड़पुर के पत्थर से बने सर्कल में विराजित किया जाएगा — जिससे स्टेशन परिसर को एक भव्य और शांत वातावरण मिलेगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना की भूमिका
यह स्टेशन 1275 में से एक है, जिन्हें अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है—इसमें केवल संरचना ही नहीं, बल्कि कलाकृति, क्षेत्रीय संस्कृति और यात्रियों की सुविधा पर भी ध्यान दिया जा रहा है । 22 मई 2025 को प्रधानमंत्री ने देशभर में 103 ऐसे स्टेशनों का उद्घाटन किया, जिसमें श्री महावीर जी स्टेशन भी शामिल है।
धर्म, संस्कृति और सेवा का मेल
इस योजना के अंतर्गत स्टेशन में आधुनिक सुविधाएँ (तीन प्लेटफॉर्म, स्वच्छता, इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड आदि) के साथ-साथ भगवान महावीर की प्रतिमा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। जब यात्री ट्रेन से उतरेंगे, तो उनका पहला कदम ही आध्यात्मिक ऊर्जा की ओर खिंचा चलेगा।
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निष्कर्ष (Conclusion) :
यह स्टेशन केवल यात्रा का साधन नहीं रहेगा—यह आस्था का प्रवेशद्वार, धर्म का मंदिर, और संस्कृति का जीवंत प्रतीक बनेगा। यहां से गुजरते हर यात्री को केवल रास्ता ही नहीं मिलेगा, बल्कि शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव भी होगा। जैसे ही आप इस स्थल पर कदम रखेंगे, आपको लगेगा कि यह स्टेशन सिर्फ़ रेलगाड़ियों का केंद्र नहीं, बल्कि मन और आत्मा की यात्रा का आरंभिक बिंदु भी है।
अमृत भारत योजना के तहत तैयार यह स्टेशन यह संदेश देता है कि आधुनिकता और सांस्कृतिक विरासत साथ-साथ खिल सकती हैं, और सार्वजनिक स्थानों को सिर्फ़ उपयोगी ही नहीं बल्कि प्रेरणादायक और आत्मिक रूप से समृद्ध भी बनाया जा सकता है। इसलिए अगली बार जब आप श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन जाएँ, इसे सिर्फ़ स्टेशन मत समझिए—यह भारत की आस्था, संस्कृति और कला का प्रतीक है, जो हर आने-जाने वाले के दिल में श्रद्धा और उत्साह जगाता है।
FAQ
1200 किलो महावीर प्रतिमा क्या है?
स्टेशन परिसर में स्थापित होने वाली यह कांस्य प्रतिमा 11 फीट ऊँची और भक्तों का प्रथम दर्शन करेगी।
₹20 करोड़ की योजना किसके लिए है?
यह राशि स्टेशन के आधुनिकीकरण और यात्रियों को आध्यात्मिक माहौल उपलब्ध कराने में खर्च हो रही है।
अमृत भारत स्टेशन योजना क्या है?
यह एक भारतवर्ष स्तर की परियोजना है, जिसमें 1275 स्टेशनों को आधुनिकीकरण करके यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाया जा रहा है।
कब उद्घाटन हुआ?
22 मई 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा 103 स्टेशनों का उद्घाटन किया गया, जिसमें यह स्टेशन भी शामिल है।