Share:

Prakash Shah: ₹75 करोड़ छोड़कर संयम की शरण में

जहाँ अधिकतर लोग ऊँचाइयाँ, पद, पैसा और प्रतिष्ठा चाहते हैं, वहाँ प्रकाश शाह ने आत्मा की गहराई चुनी। क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इंसान, जिसने ज़िंदगी में सब कुछ पा लिया हो – विशाल पद, लाखों की सैलरी, और समाज में अपार प्रतिष्ठा – वह सब कुछ छोड़कर एक ऐसा मार्ग चुन सकता है, जिसे समझने में दुनिया हैरान रह जाए?

यह कहानी है प्रकाश शाह की, जो Reliance Industries में Vice President रहे, मुकेश अंबानी के विश्वस्त सहयोगी थे, और जिनकी सालाना सैलरी ₹75 करोड़ बताई जाती थी। उनकी ज़िंदगी में सफलता, भव्यता और सामाजिक सम्मान की कोई कमी नहीं थी। लेकिन, उन्होंने एक ऐसा निर्णय लिया जिसने न केवल उनके करीबी लोगों को, बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया।

महावीर जयंती के पावन अवसर पर, प्रकाश शाह ने अपनी पत्नी नैन शाह के साथ जैन दीक्षा ली। उन्होंने संपत्ति, पद, और सांसारिक सुखों का त्याग कर, संयम, तप और आध्यात्मिक मार्ग को अपनाया। यह केवल एक जीवन परिवर्तन नहीं था, बल्कि एक संदेश था, कि सच्ची महानता केवल बाहरी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धता और संयम में छिपी है।

आज प्रकाश शाह की यह यात्रा हमें यह याद दिलाती है कि सच्चा साहस वह है जो दुनिया को छोड़कर अपने भीतर की गहराईयों में उतरने की हिम्मत दिखाए। और यही कारण है कि उनकी कहानी केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन और आध्यात्मिक संदेश बन गई है।

Prakash Shah: त्याग वो करते हैं जो भीतर से धनी होते हैं

एक बेहद सफल करियर, IIT Bombay से पोस्ट-ग्रेजुएशन, केमिकल इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता और Reliance जैसी कंपनी के साथ जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स – जैसे पेटकोक मार्केटिंग और जामनगर गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट – इन सबकी चमक को छोड़कर उन्होंने साधना की शांति को अपनाया।

अब वे नंगे पाँव चलते हैं, श्वेत वस्त्र पहनते हैं, और कुछ ही वस्तुओं के साथ जीते हैं। उन्होंने ब्रह्मचर्य का व्रत लिया है, सभी भौतिक सुखों से दूर रहकर आत्मिक जीवन जीना शुरू किया है।

Prakash Shah: वो जो CEO थे, अब संयम के साधक है

शायद बहुत से लोग सोचेंगे कि यह फैसला अचानक लिया गया होगा। लेकिन सच्चाई यह है कि शाह जी वर्षों से जैन दर्शन और आध्यात्मिक साधना की ओर आकर्षित थे।
उनके अंदर धीरे-धीरे एक तड़प पैदा हुई – खुद को जानने की, भीतर की दुनिया को खोजने की। और जब ये तड़प परिपक्व हुई, तब उन्होंने हर बंधन से खुद को मुक्त कर दिया।

Prakash Shah: जिन्होंने दिखाया कि असली समृद्धि त्याग में है

कई लोगों के लिए प्रकाश शाह का ये निर्णय अकल्पनीय है – एक ऐसी स्थिति में जब जीवन का हर ऐशो-आराम उनके पास था। लेकिन यही तो उन्हें खास बनाता है।
उन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची सफलता सिर्फ बाहर की नहीं होती, बल्कि भीतर की होती है।

Prakash Shah: संयम वो ताकत है जो जीवन की दिशा बदल देती है

आज जब युवा सफलता को सिर्फ सैलरी पैकेज या पद से जोड़ते हैं, प्रकाश शाह जैसे व्यक्तित्व हमें सिखाते हैं कि “त्याग ही वह शक्ति है जो आत्मा को अमर बना देती है।”
उन्होंने भोग के मार्ग से योग की ओर यात्रा की – और वो भी तब, जब दुनिया उन्हें और ऊँचा देखना चाहती थी।

Also read: https://jinspirex.com/extraordinary-resolve-of-austere-fasting-the-brave-practitioners-of-paryushan-2025/

Prakash Shah: कभी सोचा है जिसने सब पा लिया, वो सब छोड़कर क्यों गया?

क्योंकि उन्होंने जान लिया था कि

जो खोकर भी खुद को पा जाए, वही वास्तव में सफल है।
सफलता सिर्फ ऊँचाई में नहीं, गहराई में भी होती है।

सीखें इस कहानी से:

🔹 खुद की अंतरात्मा की आवाज़ को सुनें

🔹 भौतिक उपलब्धियाँ अंतिम लक्ष्य नहीं हैं

🔹 संयम, सेवा और सत्य से ही आत्मिक विजय संभव है

🔹 सादा जीवन, गहरी सोच – यही असली पहचान है

Prakash shah की दीक्षा – एक संदेश है, सिर्फ जैन समाज के लिए नहीं, पूरे मानव समाज के लिए।

क्योंकि असली चमक सोने की नहीं, आत्मा की होती है।

FAQs
1. प्रकाश शाह कौन हैं?

प्रकाश शाह Reliance Industries के पूर्व Vice President और एक सफल कॉर्पोरेट लीडर रहे हैं।

2. वे किस कंपनी में कार्यरत थे?

वे Reliance Industries Limited में कार्यरत थे।

3. उनकी पत्नी का नाम क्या है?

उनकी पत्नी का नाम नैन शाह है।

4. उन्होंने दीक्षा कब ली?

उन्होंने महावीर जयंती के अवसर पर दीक्षा ली।

5. प्रकाश शाह की शैक्षणिक योग्यता क्या है?

उन्होंने IIT Bombay से पोस्ट-ग्रेजुएशन किया है।

Discover More Blogs

जय जिनेंद्र: सोचिए — आप किसी जैन परिवार के घर गए।दरवाज़ा खुला और सबसे पहले आवाज़ आई: “जय जिनेंद्र!” आप मुस्कुरा तो देते हैं —लेकिन मन में यह सवाल जरूर आता है: बहुत से लोग मज़ाक-मज़ाक में कह देते हैं

307 views

A Jain Take on Today’s Love Confusion In today’s fast-paced digital world, where messages fly instantly, “soft launches” are common, and conversations often end with “let’s see where this goes,” many young people find themselves in confusing emotional spaces. These

200 views

H&M: हम सबने बचपन से सुना है — “ऊन गर्म रखता है, आराम देता है।”लेकिन किसी ने ये नहीं बताया कि गर्माहट इंसानों को मिलती है,और दर्द जानवरों को। Wool, Mohair, Angora, Cashmere…ये नाम सुनते ही luxury, comfort और softness

290 views

पर्युषण: भारत त्यौहारों की भूमि है। यहाँ हर धर्म और संस्कृति अपने-अपने पर्वों के माध्यम से जीवन को नई दिशा देती है।इसी परंपरा में एक दिलचस्प बात यह है कि हर साल लगभग एक ही समय पर दो बड़े पर्व

217 views

Self-Discipline (संयम) हमारी सोच और जीवन–शैली को भीतर से बदलने की अद्भुत शक्ति रखता है। यह सिर्फ किसी नियम को निभाने का नाम नहीं, बल्कि अपने मन, आदतों और इच्छाओं के साथ एक गहरा संवाद है—जहाँ आप खुद तय करते

220 views

Refined Sugar: हम में से ज़्यादातर लोग रोज़ाना चाय, मिठाई या desserts में चीनी डालते हैं —लेकिन कम ही लोग पूछते हैं: इतनी चमकदार सफ़ेद चीनी बनती कैसे है? और जब packet पर लिखा होता है: Refined Sugar तो दिमाग

219 views

Latest Article

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.