Mook Maati Express: भारतीय रेलवे में पहली बार ऐसा नाम सामने आया है,
जहाँ किसी ट्रेन को सिर्फ यात्रा का साधन नहीं, बल्कि मूल्यों, साहित्य और आध्यात्मिक विरासत के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
इस प्रस्तावित नाम का केंद्र है —
“Mook Maati Express”

यह ट्रेन आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की स्मृति को समर्पित करने का प्रयास है। वे एक ऐसे महान संत रहे, जो कठिन तप, अनुशासित जीवन और दयाभाव के लिए जाने जाते थे। उनके द्वारा रचित काव्य “मूक माटी” ने अनगिनत लोगों को मौन, आत्मचिंतन और सादगी का संदेश दिया।
इस नामकरण प्रस्ताव को जैन समाज, विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा रेलवे मंत्रालय तक पहुँचाया गया है। उनका मानना है कि यदि यह ट्रेन “Mook Maati Express” के नाम से जानी जाएगी, तो यह सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं होगी — बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बनेगी।
इस पहल को जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनके आध्यात्मिक गुरुओं का संदेश राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचेगा। आने वाले समय में यदि यह आधिकारिक रूप से स्वीकृत होती है, तो रेलवे की पटरियों पर चलने वाली यह ट्रेन समर्पण और संस्कारों की यात्रा बन जाएगी।
नाम “Mook Maati Express (11701) क्यों”?
आचार्य विद्यासागर जी द्वारा रचित महाकाव्य “मूक माटी” साधना, त्याग, मौन और आत्म-अन्वेषण का गहरा संदेश देता है।
उसी भाव को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव सामने आया — कि रेलवे में भी एक ऐसी यादगार पहचान बने जो यात्रियों को आदर्श, अनुशासन और आध्यात्मिक मूल्यों की याद दिलाए।
किसने उठाई पहल?
यह मांग मुख्यतः —
- जैन समाज
- कई सामाजिक संगठन
- और सांसदों
द्वारा आगे बढ़ाई गई है —
कि रेल विभाग एक प्रमुख ट्रेन को “Mook Maati Express” या “आचार्य विद्यासागर एक्सप्रेस” के नाम से नामांकित करे।
यह पहल जैन समाज के सम्मान, योगदान और संस्कारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास है।
सम्भावित मार्ग: जबलपुर ↔ रायपुर (Intercity)
इस प्रस्ताव का केंद्र वर्तमान इंटरसिटी ट्रेन (11701) है, जो रायपुर से चलकर डोंगरगढ़ होते हुए जबलपुर पहुँचती है।
प्रमुख स्टेशन:
- रायपुर (Raipur) — छत्तीसगढ़ की राजधानी
- डोंगरगढ़ (Dongargarh) — आचार्य विद्यासागर जी की अंतिम समाधि स्थल के निकट
- जबलपुर (Jabalpur) — मध्य प्रदेश का प्रमुख शहर
यह ट्रेन पहले से चल रही है,
लेकिन अभी तक इसका नाम “Mook Maati Express” आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है।
सम्भावित समय-सारणी (अनुमानित)
| स्टेशन | अनुमानित आगमन / प्रस्थान |
| रायपुर (Start) | 06:30 |
| डोंगरगढ़ जंक्शन | 09:00 / 09:02 |
| मध्यवर्ती स्टेशन | 09:30 – 11:15 |
| जबलपुर (End) | 12:30 |
(यह समय इंटरसिटी रफ्तार और दूरी के आधार पर अनुमान है
आधिकारिक टाइम-टेबल जारी होने पर बदलाव संभव है।)
संभावित रुकाव:
- रायपुर
- भिलाई
- राजनांदगांव
- डोंगरगढ़
- बालाघाट (संभावित)
- जबलपुर
यात्रियों को क्या सुविधाएँ मिल सकती हैं? (संभावित)
- AC Chair Car / 2S सीटिंग
- जनरल श्रेणी
- ई-कैटरिंग / पैंट्री (यदि रूट बढ़े)
- आरक्षित + अनारक्षित सीटें
यह वही सुविधाएँ हैं जो आमतौर पर मध्य-दूरी एक्सप्रेस/इंटरसिटी में दी जाती हैं।
जैन समाज के लिए — भावनात्मक उपलब्धि
यदि यह ट्रेन आधिकारिक रूप से “Mook Maati Express” बनती है, तो —
- यात्रियों को रोज़ जैन मूल्य-परंपरा का स्मरण मिलेगा
- युवाओं तक आचार्य विद्यासागर जी का संदेश पहुँचेगा
- रेलवे में जैन समाज की पहचान एक प्रेरक उदाहरण के रूप में दर्ज होगी
यह केवल नाम नहीं —
श्रद्धांजलि, पहचान और सीख की यात्रा होगी।
आगे क्या?
- रेलवे मंत्रालय द्वारा आधिकारिक आदेश अभी बाकी है।
- घोषणा के बाद ही ट्रेन नंबर, समय-सारिणी और किराए की जानकारी जारी होगी।
जैसे ही आधिकारिक अपडेट आता है,
हम पूरी अपडेटेड रिपोर्ट, टाइम-टेबल और सभी विवरण फिर से तैयार करेंगे।
निष्कर्ष
भारत की पटरियों पर सिर्फ एक ट्रेन नहीं —
बल्कि आचार्य विद्यासागर जी के आदर्शों का चलता-फिरता संदेश बन सकती है।
यह पहल दिखाती है कि
धर्म, संस्कृति और समाज —
जब एक साथ जुड़ते हैं,
तो यात्राएँ भी प्रेरणा बन जाती हैं।
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