Share:

Kisan Diwas: घर बैठे किसान को धन्यवाद कहने के 10 आसान तरीके

Kisan Diwas: आज किसान दिवस है।
एक ऐसा दिन, जब हम किसान को धन्यवाद तो कहते हैं,
लेकिन क्या कभी अपनी थाली को देखकर उसे महसूस भी किया है?

रोटी, दाल, सब्ज़ी, चावल और फल—
ये सिर्फ खाने की चीज़ें नहीं हैं,
बल्कि किसी किसान की मेहनत, धैर्य और उम्मीद की कहानी हैं।
हर दाने के पीछे सुबह-सुबह खेत पहुँचने की जिद,
तेज़ धूप में पसीना बहाने का साहस
और मौसम के हर उतार-चढ़ाव से लड़ने का हौसला छुपा होता है।

हम शहरों में बैठकर खाना आसानी से पा लेते हैं,
लेकिन खेत से रसोई तक का सफर आसान नहीं होता।
कभी बारिश धोखा दे जाती है,
कभी धूप उम्मीद से ज़्यादा तपती है,
फिर भी किसान हार नहीं मानता।

आज के दिन सवाल सिर्फ इतना है—
क्या हम किसान को याद सिर्फ शब्दों में करते हैं,
या अपनी रोज़मर्रा की आदतों में भी?

क्या हम खाना बर्बाद न करके,
पानी की कद्र करके,
और थाली में हर दाने का सम्मान करके
किसान को सच में धन्यवाद कहते हैं?यह लेख सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं है,
यह सोच बदलने का एक छोटा-सा प्रयास है।

यही सवाल इस लेख की शुरुआत है—
क्या हम किसान के आभार को अपने व्यवहार में उतार पा रहे हैं?

Kisan Diwas खेत से रसोई तक: एक अनदेखी यात्रा

सुबह की पहली चाय से लेकर रात के आख़िरी निवाले तक,
हम जो कुछ भी खाते हैं—

उसके पीछे किसी किसान की सुबह जल्दी उठने की आदत,
तेज़ धूप में काम करने की ताक़त
और मौसम के हर उतार-चढ़ाव को सहने का साहस छुपा होता है।

लेकिन शहर की रसोई में बैठकर
हम अक्सर इस यात्रा को भूल जाते हैं।

https://thebetterindia.com/changemakers/rashmi-survey-senguda-village-pradan-madhya-pradesh-empowering-farmers-social-auditor-women-success-10625000

Kisan Diwas 2025: किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, जीवनदाता है

एक किसान:

  • मिट्टी को समझता है

  • बीज को संभालता है

  • पानी की कद्र करता है

  • और समय का सम्मान करता है

वह जानता है कि एक छोटी-सी लापरवाही
पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर सकती है।

यही कारण है कि किसान का रिश्ता
सिर्फ खेत से नहीं,
हर घर की रसोई से जुड़ा होता है।

Kisan Diwas: “Thank You Farmer” कहना सिर्फ शब्द नहीं, सोच है

किसान को धन्यवाद कहने के लिए
खेत जाना ज़रूरी नहीं,
बड़ा भाषण देना भी ज़रूरी नहीं।

असल धन्यवाद तो
हमारी रोज़ की आदतों में छुपा होता है।

Kisan Diwas: घर बैठे किसान को धन्यवाद कहने के 10 सच्चे तरीके

1. खाना बर्बाद न करें

थाली में उतना ही लें, जितना खा सकें।
एक दाना भी किसान की मेहनत का परिणाम है।

2. बच्चों को अनाज की कहानी बताएं

बच्चों को सिर्फ खाना न परोसें,
उन्हें बताएं कि यह खेत से आया है।

3. मौसमी और स्थानीय भोजन अपनाएँ

लोकल किसान को सपोर्ट करना
सबसे सच्चा “Thank You” है।

4. सब्ज़ी का पूरा उपयोग करें

छिलके, डंठल, पत्तियाँ—
कम से कम बर्बादी, ज़्यादा सम्मान।

5. पानी की कद्र करें

खेती पानी से चलती है।
घर में पानी बचाना भी किसान को धन्यवाद है।

6. केमिकल-फ्री विकल्प चुनें

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना
मिट्टी और किसान—दोनों की रक्षा है।

7. सोशल मीडिया पर किसान की कहानी साझा करें

एक पोस्ट, एक स्टोरी भी
किसान के लिए आवाज़ बन सकती है।

8. भोजन से पहले कृतज्ञता का भाव रखें

जैन दर्शन सिखाता है—
भोजन से पहले धन्यवाद,
भोग नहीं, विवेक।

9. किसान को दोष नहीं, समझ दें

महंगाई या मौसम का ग़ुस्सा
किसान पर न निकालें।

10. किसान को एक दिन नहीं, हर दिन याद रखें

किसान दिवस सिर्फ तारीख़ नहीं,
एक सोच है।

Kisan Diwas 2025: जैन दर्शन और किसान का रिश्ता

जैन धर्म में कहा गया है—
अहिंसा, अपरिग्रह और संयम।

  • अहिंसा: भोजन की बर्बादी रोकना

  • अपरिग्रह: ज़रूरत से ज़्यादा न लेना

  • संयम: प्रकृति के साथ संतुलन

जब हम खाने का सम्मान करते हैं,
तो हम किसान और प्रकृति—दोनों का सम्मान करते हैं।

निष्कर्ष: धन्यवाद शब्द नहीं, व्यवहार है

किसान को धन्यवाद कहने के लिए
खेत की मिट्टी छूना ज़रूरी नहीं,
बस अपनी रसोई में जागरूक होना ज़रूरी है।

क्योंकि
जब हम खाने की कद्र करते हैं,
तो हम किसान की इज़्ज़त करते हैं।

इस किसान दिवस पर
बस इतना कहिए—
Thank You Farmer,
आपके बिना हमारी थाली अधूरी है।

किसान दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ! 
अपने किसान साथियों को जरूर शेयर करें और उनके मेहनत का सम्मान करें।

Also Read: https://jinspirex.com/viral-video-womans-birthday-cake-from-zomato-arrives-with-leave-at-security-message/

Discover More Blogs

Terror Attack Pahalgam shook the nation, leaving behind pain, grief, and questions about security. Viewing the incident through the lens of Anekantavada, the Jain principle of multiple perspectives, offers a deeper understanding—reminding us that every tragedy has many sides, and

245 views

जैन दांपत्य शिविर, जयपुर: 23 अगस्त 2025 को जयपुर के कीर्ति नगर क्षेत्र में एक अद्वितीय, ज्ञानवर्धक और आत्मिक रूप से समृद्ध “जैनत्व दांपत्य संस्कार शिविर” का आयोजन हुआ। पूज्य मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में सम्पन्न

239 views

गर्मी में जैन आहार: हमारे शरीर और मन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। गर्मी का मौसम आते ही शरीर में ऊष्मा बढ़ जाती है, मन चिड़चिड़ा होता है, और पाचन धीमा हो जाता है। ऐसे में खान-पान का

330 views

कल्पना कीजिए—जैसे ही आप राजस्थान के श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन पर कदम रखते हैं, आपको स्वागत के लिए एक अद्भुत दृश्य सामने आता है। स्टेशन के मध्य भाग में एक कलात्मक और भव्य छतरी के नीचे, भगवान महावीर की

362 views

तीर्थ यात्रा packing guide: “क्या आप तैयार हैं अपनी अगली तीर्थ यात्रा के लिए?यह सिर्फ़ कोई सामान्य यात्रा नहीं होगी — यह एक आध्यात्मिक सफर, आत्मा का अनुभव और मन की शांति पाने का अवसर है। और जैसे हर सफर

281 views

India’s 5 Sunrise Points : Have you ever wondered why the same sun rises at different times across the world — even across the same country?In India, there are places where people begin their day almost two hours earlier than

245 views

Latest Article

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.