455 views
Share:

खरगोन घटना: पक्षियों को खिलाते समय सावधानी रखें

Khargone Parrot Death News: भारत के मध्य प्रदेश के खरगोन ज़िले में हाल ही में एक दर्दनाक घटना हुई।
दो दिनों के भीतर 200 से अधिक पक्षी — तोते, कबूतर, डायमंड डव और गौरैया — मृत पाए गए।

वन अधिकारियों और डॉक्टरों के अनुसार,
पोस्टमॉर्टम में उनके पेट से चावल और छोटे-छोटे कंकड़ मिले,
और उनके पाचन तंत्र में गंभीर नुकसान था।

डॉक्टरों ने बताया —
यह सब “फूड पॉइज़निंग” से जुड़ा लग रहा है।

और यही बात हमें सोचने पर मजबूर करती है:

हम अक्सर सोचते हैं — “हम तो बस पक्षियों को खाना खिला रहे हैं, भला इसमें क्या गलत है?”
लेकिन सच यह है कि —
हमारी छोटी-सी गलती, उनके लिए मौत का कारण बन सकती है।

यही वजह है कि यह लेख जरूरी है।

Khargone Parrot Death News: जैन दर्शन हमें क्या सिखाता है?

जैन धर्म कहता है:

“जीव दया ही सच्चा धर्म है।”

इसका अर्थ है —
केवल पूजा करने से धर्म पूर्ण नहीं होता,
बल्कि हर जीव की रक्षा करना ही सच्चा धर्म है।

जब पक्षियों को गलत भोजन मिलता है,
उनके शरीर में दर्द होता है,
उनकी जान चली जाती है —
तो यह हमारे लिए आत्मचिंतन का समय है।

अहिंसा सिर्फ हथियार न उठाने का नाम नहीं है।

अहिंसा वह है जहाँ हम अनजाने में भी किसी जीव को कष्ट न दें।

खरगोन घटना: क्यों हुई इतनी बड़ी मौतें?

खरगोन में जो हुआ, वह एक संकेत है।

वन विभाग के अधिकारी टोनी शर्मा के अनुसार:
पहले 25 तोते दिखाई दिए।
फिर शाम तक संख्या 80 हुई।
अगले दिन यह 200 से पार हो गई।

डॉक्टरों ने बताया:

  • उनके आंत और जिगर पूरी तरह लाल हो चुके थे

  • अंदर भोजन सड़ चुका था

  • और शरीर में ज़हरीला असर बन गया था

Also Read: https://jinspirex.com/india-first-sunrise-points/

कुछ विशेषज्ञों ने यह भी कहा —

फल-बागानों में पक्षियों से बचाव के लिए
जानबूझकर ज़हर रखने की संभावना को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

सोचिए —

केवल एक गलत काम,
कितनी जिंदगियों को निगल सकता है।

खरगोन घटना: पक्षियों को खिलाते समय ये गलतियाँ कभी न करें

लोग भाव से खिलाते हैं —
लेकिन भाव के साथ ज्ञान होना भी जरूरी है।

1. कच्चा चावल या पका हुआ चावल

चावल पेट में फूल जाते हैं
पक्षियों का छोटा शरीर इसे संभाल नहीं पाता।
नतीजा —
पाचन रुक जाता है, दर्द बढ़ता है, और जान भी जा सकती है।

2. बासी या सड़ा खाना

हम सोचते हैं — “फेंकने से अच्छा, पक्षियों को दे दें।”
लेकिन यह गलत है।
बासी खाना टॉक्सिन और फंगस पैदा करता है।

3. नमकीन, चिप्स और तला हुआ खाना

इनमें नमक और तेल ज्यादा होता है।
पक्षियों के लिए यह धीमा जहर है।

4. मीठी चीज़ें

बिस्कुट, ब्रेड, केक —
पक्षियों के शरीर में
कैल्शियम की कमी और हड्डियों की कमजोरी बढ़ाते हैं।

5. पॉलिथीन या प्लास्टिक के साथ खाना डालना

कई बार कचरे के साथ खाना डाल दिया जाता है।
पक्षी प्लास्टिक निगल लेते हैं —
जो उनके पेट में फंस जाता है

खरगोन घटना: फिर पक्षियों को सही तरीके से कैसे खिलाएँ?

यहाँ कुछ सरल और सुरक्षित तरीके हैं:

  • बाजरा, ज्वार, चना, मूंग (धुले हुए, सूखे)

  • सूरजमुखी के बीजहरे पत्ते और दानेदार भोजन

  • साफ, रोज बदला हुआ पानी

  • हरे पत्ते और दानेदार भोजन

हमेशा छोटी मात्रा में डालें।

खाने के बर्तन को रोज साफ करें।

ज़मीन पर ऐसे स्थान पर रखें जहाँ बिल्लियाँ या कुत्ते हमला न कर सकें।

खरगोन घटना: एक पक्षी मरता है — पूरी प्रकृति प्रभावित होती है

पक्षी सिर्फ उड़ने वाले जीव नहीं हैं।
वे:

  • बीज फैलाते हैं

  • कीड़े-मकोड़े नियंत्रित करते हैं

  • पेड़ों को बढ़ने में मदद करते हैं

यदि पक्षी मरने लगें —
पेड़ कम होंगे,
कीड़े बढ़ेंगे,
और अंत में इंसान भी प्रभावित होगा।

यही है जैन दर्शन का सिद्धांत:

“सभी जीव एक-दूसरे से जुड़े हैं।”

खरगोन घटना: अगर आपको बीमार या मरा हुआ पक्षी दिखे तो क्या करें?

  • पास न जाएँ

  • बच्चों को वहाँ से हटाएँ

  • स्थानीय वन विभाग / पशु चिकित्सक को सूचना दें

  • अपने हाथों से न छुएँ

क्योंकि बीमारी, ज़हर या इंफेक्शन का खतरा होता है।

खरगोन घटना: धर्म केवल मंदिर में नहीं — व्यवहार में भी

हम रोज पूजा कर लेते हैं,
दीप जलाते हैं, मंत्र पढ़ते हैं।

लेकिन अगर हमारी वजह से
एक छोटा-सा पक्षी भी कष्ट झेलता है,

तो हमें रुककर सोचना चाहिए:

क्या हमने अहिंसा को सही मायने में अपनाया है?

जैन आचार्य कहते हैं:

“करुणा वहीं है, जहाँ हम किसी जीव के दर्द को अपना दर्द समझें।”

आज प्रकृति हमें पुकार रही है —

ज़िम्मेदारी से जिएँ, जागरुक बनें,
और हर जीव के प्रति दयालु रहें।

निष्कर्ष: छोटी-सी सावधानी — सैकड़ों जिंदगियाँ बचा सकती है

खरगोन की यह घटना एक चेतावनी है।
यह हमें बताती है:

  • गलत भोजन

  • ज़हरीले दाने

  • और लापरवाही

सब मिलकर बड़ी त्रासदी पैदा कर सकते हैं।

अगर हम:

  • सही भोजन देंगे

  • साफ पानी रखेंगे

  • ज़रूरत पड़ने पर सूचना देंगे

  • तो हम सच में अहिंसा के रास्ते पर होंगे।

और तभी
हम कह पाएँगे —

“हमने सिर्फ पक्षियों को नहीं खिलाया,
हमने उनकी जान भी बचाई।”


https://www.aajtak.in/madhya-pradesh/story/khargone-150-parrots-death-narmada-river-food-poisoning-investigation-lcln-strc-2428522-2026-01-02

Discover More Blogs

“Vegan Cosmetic Brands are transforming the beauty industry in ways we couldn’t imagine a decade ago. Today, beauty is no longer just about looking good—it’s about feeling responsible, making conscious choices, and ensuring that no living being suffers for our

660 views

सबसे अच्छा धातु बर्तन वह है जो न केवल आपके भोजन को सुरक्षित रखे, बल्कि आपके स्वास्थ्य और जीवनशैली में भी संतुलन बनाए। जैन धर्म के अहिंसा और संतुलित जीवन के सिद्धांतों के अनुसार, हम वही बनते हैं जो हम

317 views

“Operation Sindoor जैन धर्म के दृष्टिकोण से समाज में नई उम्मीद और प्रेरणा की राह खोलता है। जानें कैसे यह पहल बदलाव और सकारात्मकता लाती है। इस ऑपरेशन ने हमारे देश के वीर जवानों की बहादुरी को सामने लाया। लेकिन

286 views

Fashion: Fashion or Compassion – Why Not Both? Cruelty-Free Fashion India is transforming the way we think about style. In today’s world, Cruelty-Free Fashion India offers clothing and accessories made without harming animals, combining ethical practices with modern trends. Leading

360 views

सुमति धाम, इंदौर : 27 अप्रैल — रविवार सुबह इंदौर की फिजाओं में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे शहर को धर्ममय कर दिया। सुमति धाम में आयोजित आचार्य विशुद्धसागर जी महाराज

310 views

सफ़र में हैं? और आप हैं जैन? तो कोई चिंता नहीं! अब आपके पास है एक ऐसा साथी जो आपके स्वाद और संकल्प दोनों का रखेगा पूरा ध्यान — पेश है Optimunch! आज की तेज़ ज़िंदगी में अक्सर ऐसा होता

279 views

Latest Article

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.