Bhavesh Bhandari – 200 करोड़ दान और साधु बनने की प्रेरणा

Bhavesh Bhandari: उस दुनिया में, जहाँ लोग थोड़ी-सी भी सफलता मिलते ही और धन, और आराम, और और-और वैभव की ओर दौड़ पड़ते हैं—
वहीं गुजरात के प्रसिद्ध रियल-एस्टेट दिग्गज भावेश भंडारी और उनकी पत्नी ने ऐसा फैसला लिया जिसकी कल्पना भी मुश्किल है।

यह वही दंपत्ति है जिनके पास करोड़ों की संपत्ति थी,
जिनका बिज़नेस तेज़ी से बढ़ रहा था,
जिनकी लाइफ़स्टाइल उन सपनों जैसी थी जिन्हें पाने के लिए लोग उम्रभर मेहनत करते हैं।

लेकिन एक दिन उन्होंने दुनिया को एक ऐसा संदेश दिया जो धन की परिभाषा ही बदल देता है—
उन्होंने अपनी करीब ₹200 करोड़ की संपत्ति,अपना सालों का बना साम्राज्य,
अपनी सारी सुविधाएँ और सारे worldly luxuries स्वेच्छा से त्याग दिए।

क्योंकि उन्हें समझ आ गया था कि असली समृद्धि बैंकों के बैलेंस में नहीं,
बल्कि आत्मा की शांति, सादगी और संयम के मार्ग में है।

यही वह क्षण था जब उन्होंने जीवन की सबसे बड़ी छलांग लगाई—
और चुना वह मार्ग जिसे बहुत कम लोग साहस से चुन पाते हैं:
साधु–साध्वी बनने का निर्णय।

यह कहानी सिर्फ त्याग की नहीं,बल्कि उस जागरण की है जो बताती है कि
धन आपको ऊँचा बना सकता है—लेकिन त्याग आपको महान बनाता है।

Bhavesh Bhandari: बच्चों से मिली प्रेरणा

2022 में, उनके 16 वर्षीय बेटे और 19 वर्षीय बेटी ने पहले ही दीक्षा लेकर जैन साधु-साध्वी बनने का मार्ग अपनाया।
जब माता-पिता ने देखा कि उनके बच्चे इतनी छोटी उम्र में भौतिकता छोड़कर आध्यात्मिकता चुन रहे हैं, तो यह उनके लिए गहरी प्रेरणा बन गई। उन्होंने सोचा — अगर उनके बच्चे ये कर सकते हैं, तो वे क्यों नहीं?

Bhavesh Bhandari: त्याग का भव्य क्षण

अप्रैल 2024 में दीक्षा से पहले, साबरकांठा में एक 4 किलोमीटर लंबा जुलूस निकाला गया।

  • भावेश और उनकी पत्नी शाही पोशाक में रथ पर बैठे।

  • उन्होंने अपने मोबाइल फोन, आभूषण, AC और तमाम भौतिक वस्तुएँ त्याग दीं।

  • समाज ने इसे एक त्यौहार की तरह मनाया — लोग फूल बरसा रहे थे, ढोल-नगाड़ों की धुन थी, और वातावरण में गहरी श्रद्धा।

यह केवल एक जुलूस नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि धन का मूल्य तभी है जब वह त्याग और समाज सेवा में लगाया जाए।

Also read: https://jinspirex.com/from-jainism-to-shark-tank-entrepreneurs-who-made-it-big/

Bhavesh Bhandari: साधु-साध्वी के रूप में नया जीवन

22 अप्रैल को, भावेश भंडारी और उनकी पत्नी ने आधिकारिक रूप से दीक्षा ग्रहण की। अब:

  • वे नंगे पांव यात्राएँ करेंगे।

  • उनके पास केवल दो सफेद वस्त्र और कुछ आवश्यक साधन होंगे, जो तपस्या और साधना के प्रतीक हैं।

  • वे अपना जीवन सादगी और आत्मानुशासन के साथ व्यतीत करेंगे।

जिनके पास कभी अरबों की संपत्ति थी, अब उनके पास सिर्फ़ आत्मा की समृद्धि है।

इस त्याग (Renunciation) की सीख

  1. धन असली सुख नहीं है – ₹200 करोड़ छोड़ देने के बाद भी उनके चेहरे पर जो संतोष था,
    वह करोड़ों में नहीं खरीदा जा सकता।

  2. परिवार भी प्रेरणा दे सकता है – अक्सर माता-पिता बच्चों के आदर्श होते हैं,
    लेकिन इस कहानी में बच्चों ने माता-पिता को प्रेरित किया।

  3. त्याग से हल्कापन मिलता है – जितना अधिक बोझ छोड़ते हैं, आत्मा उतनी हल्की और स्वतंत्र होती है।

मोटिवेशनल Closing

यह कहानी सिर्फ त्याग की नहीं, बल्कि उस जागरण की है जो बताती है कि
धन आपको ऊँचा बना सकता है— लेकिन त्याग आपको महान बनाता है।

भावेश भंडारी और उनकी पत्नी की कहानी हमें यह सिखाती है कि त्याग हमेशा करोड़ों छोड़ने का नाम नहीं है।
कभी-कभी त्याग का अर्थ होता है — थोड़ा देना, थोड़ा बाँटना, और थोड़ा किसी और के लिए जीना।
हम सभी अपने जीवन में छोटे-छोटे कदमों से इस भावना को जी सकते हैं।

त्याग और दान हमें कम नहीं करते—

वे हमें भीतर से विशाल बनाते हैं, हल्का बनाते हैं, और जीवन में एक ऐसी समृद्धि भर देते हैं
जिसे कोई बैंक बैलेंस नहीं माप सकता।

Discover More Blogs

Refined Sugar: हम में से ज़्यादातर लोग रोज़ाना चाय, मिठाई या desserts में चीनी डालते हैं —लेकिन कम ही लोग पूछते हैं: इतनी चमकदार सफ़ेद चीनी बनती कैसे है? और जब packet पर लिखा होता है: Refined Sugar तो दिमाग

219 views

गर्मी में जैन आहार: हमारे शरीर और मन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। गर्मी का मौसम आते ही शरीर में ऊष्मा बढ़ जाती है, मन चिड़चिड़ा होता है, और पाचन धीमा हो जाता है। ऐसे में खान-पान का

330 views

अपरिग्रह (Minimalism): क्या है अपरिग्रह? जैन धर्म का एक प्रमुख मूल्य अपरिग्रह (Aparigrah) हमें यह सिखाता है कि कम में भी अधिक सुख और संतोष पाया जा सकता है। आधुनिक जीवन में हम अक्सर चीज़ों को इकट्ठा करने, नए gadgets,

188 views

2026: हर साल दिसंबर आते ही हम अपने आप से वादा करते हैं —इस बार ज़रूर बदलूँगा।लेकिन कुछ ही हफ्तों में resolutions टूट जाते हैं और हम फिर वही पुरानी आदतों में लौट आते हैं। सच ये है:समस्या हमारी इच्छाओं

216 views

Dhanteras 2025: धनतेरस सिर्फ़ ख़रीदारी या संपत्ति जुटाने का दिन नहीं है — यह उस ऊर्जा की शुरुआत है, जो पूरे वर्ष हमारे जीवन में समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मकता लाती है। मान्यता है कि इस दिन जो भी काम शुद्ध

221 views

कल्पना कीजिए—जैसे ही आप राजस्थान के श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन पर कदम रखते हैं, आपको स्वागत के लिए एक अद्भुत दृश्य सामने आता है। स्टेशन के मध्य भाग में एक कलात्मक और भव्य छतरी के नीचे, भगवान महावीर की

363 views

Latest Article

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.