अश्वगंधा: FSSAI Alert क्या है पूरा मामला
अश्वगंधा: आजकल लोग तेजी से आयुर्वेद की तरफ लौट रहे हैं।
घरेलू नुस्खे फिर से ट्रेंड में हैं।
इसी बीच एक बड़ा नाम है—अश्वगंधा।
इसे “इंडियन जिनसेंग” भी कहा जाता है।
तनाव कम करने से लेकर नींद सुधारने तक, इसके कई फायदे बताए जाते हैं।
लेकिन यहीं एक बड़ा ट्विस्ट है।
अगर आप इसे बिना जानकारी के इस्तेमाल कर रहे हैं, तो रुक जाइए।
क्योंकि FSSAI ने अश्वगंधा को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है।
खासकर इसकी पत्तियों के इस्तेमाल पर।https://jinspirex.com/char-dham-yatra-10-must-have-travel-essentials/
क्या कहती है FSSAI की नई एडवाइजरी?
FSSAI के अनुसार:
- अश्वगंधा की पत्तियों का इस्तेमाल प्रतिबंधित है
- हेल्थ सप्लीमेंट्स में सिर्फ जड़ (Root) और उसका अर्क ही मान्य है
- यह नियम पहले से मौजूद था (2016 रेगुलेशन)
- लेकिन कई कंपनियां अब भी पत्तियों का इस्तेमाल कर रही थीं
इसलिए अब इसे लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है।
👉 साफ शब्दों में:
Root = Allowed
Leaves = Not Allowed
आखिर पत्तियों पर ही क्यों रोक?
यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है।
अश्वगंधा की पत्तियों में कुछ ऐसे बायोएक्टिव कंपाउंड्स होते हैं
जो शरीर पर अलग असर डाल सकते हैं।
इन पर अभी पर्याप्त रिसर्च नहीं है।
सेफ्टी डेटा भी सीमित है।
👉 यानी:
जो जड़ में सुरक्षित है, वही पत्तियों में जरूरी नहीं।
इसलिए पत्तियों को “Risk Zone” में रखा गया है।
अश्वगंधा के असली फायदे (जब सही तरीके से लें)
अगर सही रूप में लिया जाए, तो अश्वगंधा काफी असरदार हो सकता है।
1. तनाव कम करने में मदद
यह कोर्टिसोल लेवल को कम करने में सहायक हो सकता है।
मन शांत रहता है।
2. नींद बेहतर बनाता है
अनिद्रा से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सकती है।
3. इम्यून सिस्टम मजबूत करता है
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
4. ऊर्जा और स्टैमिना बढ़ाता है
थकान कम महसूस होती है।
5. हार्मोन बैलेंस में मदद
खासतौर पर पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन सपोर्ट कर सकता है।
👉 ध्यान रखें:
ये फायदे जड़ और अर्क से जुड़े हैं।
पत्तियों से नहीं।
लेकिन हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं
यहीं लोग सबसे बड़ी गलती करते हैं।
“हर्बल है, तो सुरक्षित है”—यह सोच गलत है।
अश्वगंधा हर किसी के लिए सही नहीं है।
किन लोगों को सावधान रहना चाहिए?
1. प्रेग्नेंट महिलाएं
यह गर्भ पर असर डाल सकता है।
2. थायरॉइड के मरीज
यह हार्मोन लेवल बदल सकता है।
3. ऑटोइम्यून डिजीज वाले लोग
इम्यून सिस्टम को ज्यादा एक्टिव कर सकता है।
4. लो ब्लड प्रेशर वाले लोग
बीपी और कम हो सकता है।
5. सर्जरी से पहले वाले मरीज
ब्लड प्रेशर और शुगर को प्रभावित कर सकता है।
👉 ऐसे लोगों को बिना डॉक्टर सलाह के इसे नहीं लेना चाहिए।
गलत इस्तेमाल के साइड इफेक्ट
अगर आप ज्यादा या गलत तरीके से लेते हैं, तो नुकसान हो सकता है।
- पेट खराब होना
- उल्टी या मतली
- सिर दर्द
- चक्कर आना
- लिवर पर असर (कुछ मामलों में)
👉 सबसे बड़ा खतरा तब होता है
जब आप पत्तियों वाले प्रोडक्ट्स ले रहे हों।
बाजार में क्या चल रहा है?
यहीं असली समस्या है।
कई सप्लीमेंट्स में:
- पूरी जानकारी नहीं दी जाती
- पत्तियों का इस्तेमाल छिपाया जाता है
👉 इसलिए लेबल पढ़ना जरूरी है
अगर लिखा हो:
- “Leaf extract”
- “Whole plant extract”
तो सावधान हो जाइए।
सही तरीके से कैसे करें इस्तेमाल?
अगर आप अश्वगंधा लेना चाहते हैं, तो ये नियम अपनाएं:
✔ सिर्फ जड़ या उसका अर्क चुनें
यह सुरक्षित और मान्य है
✔ डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह लें
खासतौर पर अगर कोई बीमारी है
✔ सही मात्रा में लें
ज्यादा लेने से फायदा नहीं, नुकसान होता है
✔ ब्रांडेड और भरोसेमंद प्रोडक्ट चुनें
सस्ता और अनजान प्रोडक्ट रिस्की हो सकता है
क्या घरेलू नुस्खे सुरक्षित हैं?
बहुत लोग घर में काढ़ा बनाते हैं।
यूट्यूब देखकर इस्तेमाल करते हैं।
👉 लेकिन यही सबसे बड़ा रिस्क है
हर नुस्खा आपके शरीर के लिए सही नहीं होता।
हर जड़ी-बूटी हर व्यक्ति पर अलग असर डालती है।
एक जरूरी समझ
अश्वगंधा कोई जादुई दवा नहीं है।https://jinspirex.com/workplace-safety-office-safety-tips-for-women-in-hindi/
यह एक औषधि है।
और हर औषधि की तरह:
- सही मात्रा जरूरी है
- सही हिस्सा जरूरी है
- सही व्यक्ति के लिए जरूरी है
निष्कर्ष: फायदे तभी, जब समझदारी हो
FSSAI की चेतावनी एक बड़ा संकेत है।
👉 “Natural” हमेशा “Safe” नहीं होता
👉 “Herbal” हमेशा “Harmless” नहीं होता
अगर आप सच में फिट रहना चाहते हैं, तो:
- जानकारी के साथ फैसले लें
- ट्रेंड के पीछे अंधा भरोसा न करें
अश्वगंधा फायदेमंद है।
लेकिन सही तरीके से।
वरना यही फायदेमंद चीज
नुकसान भी बन सकती है।
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