Share:

दिवाली की सजावट: मिट्टी के दीये खरीदने से पहले जानें ये बातें

दिवाली की सजावट: मिट्टी के दीये खरीदने के टिप्स

दिवाली की सजावट: दिवाली का त्योहार हो और घर के आंगन में मिट्टी के दीये न सजें, ऐसा कैसे हो सकता है! बाजार में सुंदर-सुंदर दीये देखकर हम अक्सर अपनी पसंद के डिजाइन चुनने लगते हैं। कोई रंगीन दीये खरीदता है, तो कोई पारंपरिक मिट्टी के दीयों से घर सजाना पसंद करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दीये खरीदते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने पैसे बचा सकते हैं और दिवाली की तैयारियों को आसान बना सकते हैं?

कई बार दीये देखने में सुंदर होते हैं, लेकिन उनमें तेल डालते ही रिसाव होने लगता है। कुछ दीये जमीन पर ठीक से टिक नहीं पाते, जबकि कुछ में बाती रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में केवल सुंदरता देखकर दीये खरीदना समझदारी नहीं है।

इस दिवाली दीये खरीदते समय उनकी सुंदरता के साथ गुणवत्ता, उपयोगिता और सुरक्षा पर भी ध्यान दें। साथ ही, त्योहार की खुशियों में जीव दया और करुणा को जगह देना न भूलें। आखिर हमारी रोशनी ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी दूसरे जीव को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे।

आइए जानते हैं मिट्टी के दीये खरीदने से पहले किन 7 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. दीये में दरार तो नहीं? खरीदने से पहले जरूर जांचें

मिट्टी के दीये बनाते, सुखाते और एक जगह से दूसरी जगह ले जाते समय उनमें बारीक दरारें आ सकती हैं। कई बार ये दरारें पहली नजर में दिखाई भी नहीं देतीं।

ऐसे दीये में तेल डालने पर रिसाव हो सकता है। इससे तेल बर्बाद होने के साथ आसपास की सतह भी गंदी हो सकती है।

दिवाली की सजावट: दीये खरीदते समय इन बातों पर ध्यान दें:
  • दीये के अंदर और बाहर की सतह ध्यान से देखें।
  • किनारों पर दरार या टूटा हुआ हिस्सा हो, तो दूसरा दीया चुनें।
  • बहुत अधिक चटके हुए या कमजोर दीये न खरीदें।
  • घर पहुंचने पर इस्तेमाल से पहले दोबारा जांच कर लें।

2. दीये का निचला हिस्सा सपाट होना चाहिए

क्या आपने कभी ऐसा दीया खरीदा है, जो जमीन पर रखने के बाद बार-बार हिलता रहता है? इसकी एक वजह उसका असमान निचला हिस्सा हो सकता है।

ऐसे दीये को जलाना मुश्किल हो सकता है। उसके गिरने से गर्म तेल फैलने या आसपास रखी सजावटी वस्तुओं के संपर्क में आने का खतरा भी रहता है। https://jinspirex.com/safed-kaddu-ka-juice-jaanein-fayde-aur-sevan-ka-sahi-tarika/

इसलिए खरीदने से पहले दीये को समतल सतह पर रखकर देखें।

  • दीया बिना हिले स्थिर रहना चाहिए।
  • उसका निचला हिस्सा बहुत अधिक टेढ़ा-मेढ़ा न हो।
  • बालकनी, खिड़की या आंगन में रखने के लिए स्थिर दीये चुनें।
  • बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से जलते दीयों को दूर रखें।

एक छोटा-सा परीक्षण आपको बाद की परेशानी से बचा सकता है।

3. बहुत ज्यादा रंग या चमक देखकर दीया न खरीदें

बाजार में कई तरह के रंगीन, चमकदार और सजावटी दीये मिलते हैं। ये देखने में आकर्षक लगते हैं, लेकिन खरीदते समय यह देखना जरूरी है कि उन पर किस तरह की सजावट की गई है।

हर रंग या चमकदार परत खतरनाक नहीं होती, लेकिन हर सजावटी दीया लौ के पास इस्तेमाल करने के लिए उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है।

  • दीये पर लगी सजावट और उसकी गुणवत्ता के बारे में विक्रेता से पूछें।
  • लौ के पास इस्तेमाल के लिए अनुपयुक्त सजावटी सामग्री वाले दीये न चुनें।
  • रंग या चमकदार परत वाले दीयों का इस्तेमाल निर्माता के निर्देशों के अनुसार करें।
  • सुरक्षित विकल्प के रूप में सादे मिट्टी के दीये भी चुन सकते हैं।

याद रखें, दीये की खूबसूरती के साथ उसका सुरक्षित इस्तेमाल भी जरूरी है।

4. दीये का आकार अपनी जरूरत के अनुसार चुनें

हर जगह एक जैसे दीये अच्छे नहीं लगते। पूजा की थाली, खिड़की, आंगन और बालकनी के लिए अलग-अलग आकार के दीयों की जरूरत हो सकती है।

बहुत छोटे दीये में तेल कम समा सकता है, जबकि बड़े दीये में अधिक तेल की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, दीये का आकार अकेले यह तय नहीं करता कि वह कितनी देर जलेगा। बाती, तेल की मात्रा और हवा भी इस पर असर डालते हैं।

खरीदने से पहले इन बातों पर ध्यान दें:

  • पूजा के लिए छोटे और संभालने में आसान दीये चुनें।
  • खुले स्थान के लिए स्थिर और उपयुक्त आकार वाले दीये लें।
  • बहुत सारे दीये खरीदने से पहले तय करें कि उन्हें कहां रखना है।
  • जरूरत के अनुसार खरीदारी करें, ताकि दीये बेकार न पड़े रहें। https://prakati.in/products/clay-diyas/

5. दिवाली की सजावट: तेल डालने और बाती रखने की जगह जांचें

दीये की बनावट ऐसी होनी चाहिए कि उसमें तेल डालना और बाती रखना आसान हो। यदि उसका मुंह बहुत संकरा है या किनारा असमान है, तो तेल भरते समय परेशानी हो सकती है।

दीया खरीदते समय देखें कि उसकी बनावट सामान्य इस्तेमाल के लिए सुविधाजनक है या नहीं।

  • तेल रखने वाला हिस्सा पर्याप्त गहरा हो।
  • आगे की ओर बाती रखने के लिए उचित जगह हो।
  • किनारे इतने कमजोर न हों कि हल्के दबाव में टूट जाएं।
  • घर पर इस्तेमाल से पहले दीये को समतल जगह पर रखकर उसकी स्थिरता जांचें।

इन छोटी बातों से खरीदारी के बाद होने वाली अनावश्यक परेशानी कम हो सकती है।

6. इस दिवाली स्थानीय कुम्हारों से मिट्टी के दीये खरीदें

दिवाली के समय मिट्टी के दीये बेचने वाले कुम्हार और छोटे कारीगर अपनी मेहनत से त्योहार के लिए सामान तैयार करते हैं। उनके लिए यह मौसम अपनी कला और आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।

स्थानीय कुम्हारों से दीये खरीदना उनकी मेहनत को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक मिट्टी के शिल्प को बढ़ावा देने का एक तरीका है।

दिवाली की सजावट: खरीदारी करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
  • आसपास के कुम्हारों से सीधे दीये खरीदने का विकल्प देखें।
  • कीमत तय करते समय उनकी मेहनत और समय का सम्मान करें।
  • दीयों की गुणवत्ता और अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी करें।
  • बहुत अधिक दीये खरीदकर बाद में उन्हें बेकार न छोड़ें।

इसका मतलब यह नहीं कि हर दूसरे विकल्प से खरीदारी करना गलत है। आप जहां से भी दीये खरीदें, गुणवत्ता, कीमत और अपनी जरूरत को ध्यान में रखें। यदि संभव हो, तो स्थानीय कारीगरों को सहयोग देना दिवाली की खुशियों को साझा करने का अच्छा तरीका बन सकता है।

7. दीये खरीदते समय जीव दया और करुणा को भी याद रखें

मिट्टी के दीये खरीदना हमारी परंपरा का सुंदर हिस्सा है, लेकिन उन्हें इस्तेमाल करने का तरीका भी मायने रखता है। दिवाली की रात छोटे उड़ने वाले कीड़े रोशनी की ओर आकर्षित हो सकते हैं और खुली लौ के संपर्क में आने से घायल हो सकते हैं।

इसलिए दीये खरीदते समय ही उनकी उपयोगिता और उन्हें सुरक्षित जगह पर रखने की योजना बना लें।

  • ऐसे दीये चुनें जिन्हें स्थिर और सुरक्षित जगह पर रखा जा सके।
  • जरूरत के अनुसार ही दीये खरीदें, ताकि तेल और अन्य संसाधनों की बर्बादी कम हो।
  • दीये पौधों, पत्तियों और छोटे जीवों के आने-जाने वाले रास्तों से दूर रखें।
  • जलते दीयों को बिना निगरानी न छोड़ें और सोने से पहले बुझा दें।
  • किसी जीव को दीये के पास संकट में देखें, तो पहले लौ सुरक्षित करें और फिर बिना चोट पहुंचाए उसकी मदद करें।

हम हर जीव को हर परिस्थिति में बचा नहीं सकते, लेकिन अपनी लापरवाही से होने वाले नुकसान को कम जरूर कर सकते हैं।

इस दिवाली दीये खरीदें समझदारी से, रोशनी फैलाएं करुणा के साथ

दिवाली पर मिट्टी के दीये खरीदना सिर्फ सजावट की तैयारी नहीं, बल्कि अपनी परंपरा से जुड़ने और घर को रोशन करने का अवसर भी है। अगर हम खरीदारी करते समय गुणवत्ता, जरूरत और सुरक्षा का ध्यान रखें, तो छोटी-छोटी गलतियों से बच सकते हैं।

लेकिन इस त्योहार का एक संदेश और भी महत्वपूर्ण है। जिस रोशनी से हम अपने घर को सुंदर बनाते हैं, उसके बीच दूसरे जीवों के प्रति संवेदनशीलता भी बनी रहनी चाहिए।

इस बार दीये खरीदते समय सिर्फ यह न सोचें कि कौन-सा दीया सबसे सुंदर है। यह भी सोचें कि कौन-सा विकल्प आपकी जरूरत के अनुकूल है, स्थानीय कारीगरों को कैसे प्रोत्साहित किया जा सकता है और दीयों को सुरक्षित तरीके से कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है।

आखिर त्योहार की असली सुंदरता केवल जगमगाते घरों में नहीं, बल्कि हमारी सोच, व्यवहार और दूसरों के प्रति करुणा में भी दिखाई देती है। इस दिवाली मिट्टी के दीये जलाएं, समझदारी से खरीदारी करें और जीव दया के साथ खुशियां मनाएं।

Discover More Blogs

आज हम आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के द्वितीय समाधि दिवस पर उन्हें याद करते हैं।पूरा जैन समाज ही नहीं, बल्कि हर वह व्यक्ति उन्हें स्मरण करता है,जिसने उनके जीवन से त्याग, अनुशासन और आत्मसंयम का सच्चा अर्थ जाना। आचार्य

345 views

आज के युग में हम अक्सर अपनी ज़िंदगी में भागते रहते हैं, नए सपने, नए लक्ष्य और नई उपलब्धियों के पीछे। लेकिन इस दौड़ में हम अक्सर भूल जाते हैं अपने जीवन में मौजूद उन चीजों का शुक्रिया अदा करना

372 views

मात्राशी सिद्धांत: क्या है? जानें शरीर के 8 संकेत मात्राशी सिद्धांत: क्या आप जानते हैं कि Ayurveda में भोजन की सही मात्रा के लिए कोई एक fixed rule नहीं बताया गया? हर व्यक्ति के लिए एक जैसी मात्रा या एक

207 views

Shikharji Yatra 2025: सम्मेद शिखरजी (Shri Sammed Shikharji) जैन धर्म के उन तीर्थ स्थलों में से एक है, जहाँ आस्था, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह झारखंड राज्य के सबसे ऊँचे पर्वत, पारसनाथ हिल्स,

801 views

Missing People in Delhi: Social media has recently been flooded with reports claiming that over 800 people went missing in Delhi in January 2026. The news quickly caught attention.It said that children, girls, and young adults had disappeared across the

322 views

उत्तम आर्जव धर्म: सरल रहने के 8 तरीके उत्तम आर्जव धर्म: आज दशलक्षण पर्व का तीसरा दिन है। आज का दिन हमें उत्तम आर्जव धर्म की प्रेरणा देता है। आर्जव का अर्थ है ‘ऋजुता’ या सीधापन। अर्थात जैसा मन में

150 views

Latest Article

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.