घेवर का इतिहास: सावन में क्यों खास है?
घेवर का इतिहास: सावन का महीना आते ही बाजारों में एक मिठाई सबसे ज्यादा दिखाई देने लगती है—घेवर।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर सावन और घेवर का रिश्ता इतना खास क्यों माना जाता है?
क्या यह सिर्फ स्वाद की वजह से लोकप्रिय हुआ या इसके पीछे कोई पुरानी परंपरा भी छिपी है?
अगर आप भी हर साल बाजार से घेवर खरीदते हैं, तो इस बार एक बार इस लेख को जरूर पढ़िए।
हो सकता है कि इस बार आपका परिवार घर पर ही स्वादिष्ट और शुद्ध घेवर बनाने का फैसला कर ले।
सावन की मिठाई: सावन और घेवर का क्या संबंध है?
घेवर मुख्य रूप से राजस्थान की पारंपरिक मिठाई मानी जाती है।
पुराने समय में सावन के दौरान बेटियों को मायके से ससुराल सिंदारा भेजने की परंपरा थी।
इस सिंदारे में कपड़े, श्रृंगार का सामान और मिठाइयों के साथ घेवर भी भेजा जाता था।
धीरे-धीरे यह परंपरा पूरे उत्तर भारत में लोकप्रिय हो गई और आज सावन का नाम आते ही घेवर याद आ जाता है।
घेवर रेसिपी: आखिर सावन में ही घेवर क्यों बनाया जाता है?
इसके पीछे कई कारण माने जाते हैं।
- यह बरसात के मौसम की खास मिठाई मानी जाती है।
- त्योहारों और पारिवारिक मिलन का प्रतीक है।
- इसे उपहार के रूप में देना शुभ माना जाता है।
- सावन के उत्सव में इसकी अलग ही पहचान बन चुकी है।
आज भी कई परिवारों में सावन बिना घेवर के अधूरा माना जाता है।
सिंदारा में घेवर: क्या बाजार का घेवर हमेशा सही विकल्प है?
आज बाजार में कई तरह के घेवर मिल जाते हैं।
लेकिन हर जगह गुणवत्ता एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है।
कई बार अधिक समय तक रखने के लिए अतिरिक्त सामग्री या अधिक चीनी का उपयोग किया जाता है।
वहीं घर पर बनने वाला घेवर ताजा होता है और आप अपनी पसंद के अनुसार सामग्री चुन सकते हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि घर का बना भोजन परिवार के साथ जुड़ने का भी एक सुंदर अवसर बन जाता है।
घर का घेवर: घर पर घेवर बनाने की आसान रेसिपी
आवश्यक सामग्री
- 2 कप मैदा
- ½ कप ठंडा घी
- 2 कप ठंडा पानी
- बर्फ के टुकड़े
- 1 लीटर घी या तेल (तलने के लिए)
- 1½ कप चीनी
- 1 कप पानी (चाशनी के लिए)
- इलायची पाउडर
- कटे हुए बादाम
- कटे हुए पिस्ता
- केसर (वैकल्पिक)
स्टेप 1: घोल तैयार करें
एक बर्तन में ठंडा घी और बर्फ डालकर अच्छी तरह फेंटें।
जब मिश्रण क्रीमी हो जाए, तब थोड़ा-थोड़ा मैदा मिलाएं।
अब धीरे-धीरे ठंडा पानी डालते जाएं।
ध्यान रखें कि घोल बिल्कुल पतला और बिना गुठली वाला होना चाहिए।
स्टेप 2: चाशनी बनाएं
एक पैन में चीनी और पानी डालें।
इसे तब तक पकाएं जब तक एक तार की चाशनी तैयार न हो जाए।
अब इसमें इलायची पाउडर मिला दें।
स्टेप 3: घेवर तलें
एक गहरे और संकरे बर्तन में घी या तेल अच्छी तरह गर्म करें।
ऊंचाई से एक कलछी घोल धीरे-धीरे बीच में डालें।
कुछ सेकंड बाद फिर थोड़ा घोल डालें।
ऐसा 5–6 बार करें।
बीच में लकड़ी की सींक से हल्का छेद बनाते रहें ताकि घेवर की जालीदार बनावट तैयार हो सके।
जब घेवर सुनहरा हो जाए तो सावधानी से निकाल लें।
स्टेप 4: सजावट करें
घेवर को हल्का ठंडा होने दें।
ऊपर से तैयार चाशनी डालें।
फिर बादाम, पिस्ता और केसर से सजाएं।
आप चाहें तो ऊपर से हल्की रबड़ी भी डाल सकते हैं।
घर का घेवर: परफेक्ट घेवर बनाने के 7 आसान टिप्स
- हमेशा ठंडा घोल तैयार करें।
- घोल जितना पतला होगा, जाली उतनी अच्छी बनेगी।
- घी या तेल अच्छी तरह गर्म होना चाहिए।
- घोल एक साथ न डालें।
- गहरे बर्तन का उपयोग करें।
- चाशनी बहुत ज्यादा गाढ़ी न रखें।
- घेवर पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही सजाएं।
सावन: घर का बना घेवर क्यों बेहतर है?
घर पर बना घेवर कई कारणों से खास होता है।
- सामग्री की गुणवत्ता आपके हाथ में होती है।
- ताजा बनता है।
- स्वाद अपनी पसंद के अनुसार रखा जा सकता है।
- परिवार के साथ मिलकर बनाने का आनंद मिलता है।
- साफ-सफाई और शुद्धता का भरोसा रहता है।
- जरूरत के अनुसार कम चीनी भी रख सकते हैं।
- त्योहार की खुशी कई गुना बढ़ जाती है। https://jinspirex.com/vegetarian-capsule-dawa-veg-hai-ya-non-veg-aise-karen-pehchan/
घेवर का इतिहास: इस सावन एक नई परंपरा शुरू करें
हर बार बाजार से मिठाई खरीदना आसान जरूर है, लेकिन घर पर मिलकर मिठाई बनाना एक अलग ही अनुभव देता है।
बच्चे भी नई चीज सीखते हैं।
परिवार साथ समय बिताता है।
और सबसे बड़ी बात, अपने हाथों से बनी मिठाई का स्वाद हमेशा याद रहता है।
हो सकता है पहली बार घेवर बिल्कुल बाजार जैसा न बने, लेकिन हर कोशिश आपको बेहतर बनाएगी।
कई परिवारों में आज भी यही परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।
घेवर का इतिहास: निष्कर्ष
सावन केवल त्योहारों का महीना नहीं, बल्कि परिवार, परंपरा और अपनेपन का उत्सव भी है।
घेवर इस उत्सव की मिठास को और खास बना देता है।
इस बार केवल बाजार से मिठाई खरीदने की बजाय घर पर घेवर बनाने की कोशिश कीजिए।
हो सकता है यही छोटी-सी शुरुआत आने वाले वर्षों की नई पारिवारिक परंपरा बन जाए।
इस सावन, अपने हाथों से बना घेवर परोसिए और त्योहार की मिठास को सच में महसूस कीजिए।
https://www.jagran.com/lifestyle/food-news-was-ghevar-created-in-rajasthan-or-did-it-arrive-with-the-mughals-story-of-this-sweet-is-fascinating-40313866.html