FSSAI: आज का समय तेज़ है।
मुनाफा जल्दी चाहिए।
इसी दौड़ में कई बार शुद्धता पीछे छूट जाती है।
दूध हो, घी हो या मसाले —
मिलावट की खबरें अब आम हो चुकी हैं।
हम रोज़ जो खाते हैं,
वह सिर्फ पेट नहीं भरता।
वह हमारे शरीर और सोच, दोनों को प्रभावित करता है।
ऐसे में एक सवाल ज़रूरी हो जाता है —
क्या हमारी रसोई में इस्तेमाल होने वाली लौंग वाकई शुद्ध है?
FSSAI: लौंग: छोटा मसाला, गहरी भूमिका

लौंग भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है।
यह स्वाद बढ़ाती है और संतुलन बनाए रखती है।
इसका वैज्ञानिक नाम Syzygium aromaticum है।
यह एक पेड़ की सूखी फूल कली होती है।
इसमें एक प्राकृतिक तेल पाया जाता है।
इसे यूजेनॉल कहा जाता है।
यही तेल लौंग को उसकी खुशबू, स्वाद और गुण देता है।
प्रकृति ने इसे सीमित मात्रा में, लेकिन पर्याप्त शक्ति के साथ बनाया है।
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FSSAI: जब संतुलन बिगड़ता है, वहीं समस्या शुरू होती है
आज बाज़ार में लौंग की सबसे आम मिलावट
तेल-निकली या exhausted लौंग के रूप में देखने को मिलती है।
इन लौंगों से पहले औद्योगिक स्तर पर
डिस्टिलेशन प्रक्रिया के ज़रिये आवश्यक तेल निकाला जाता है।
इस प्रक्रिया में लौंग को पानी या भाप के साथ गर्म किया जाता है,
ताकि उसमें मौजूद प्राकृतिक तेल अलग हो जाए।
तेल निकलने के बाद
लौंग का बाहरी आकार तो वैसा ही रहता है,
लेकिन उसकी खुशबू, स्वाद और औषधीय शक्ति लगभग समाप्त हो जाती है।
इसके बावजूद बची हुई सूखी कलियों को
दोबारा बाज़ार में उतार दिया जाता है।
कई बार इन्हें असली लौंग के साथ मिलाकर बेच दिया जाता है।
दिखने में ये लौंग सही लगती हैं,
लेकिन इनमें वह ऊर्जा नहीं होती,
जो प्रकृति ने मूल रूप से लौंग में रखी थी।
जब किसी वस्तु से उसका सार निकाल लिया जाए,
तो वह केवल आकार में बचती है,
गुणों में नहीं।
FSSAI: भोजन में शुद्धता क्यों ज़रूरी है?

भोजन केवल स्वाद का विषय नहीं है।
यह जीवनशैली से जुड़ा होता है।
जब हम शुद्ध भोजन चुनते हैं,
तो हम सीमित में संतोष सीखते हैं।
हम यह भी समझते हैं कि
हर चीज़ केवल लाभ के लिए नहीं होती।
मिलावट उस सोच को दर्शाती है,
जहाँ लेने की प्रवृत्ति देने से आगे निकल जाती है।
FSSAI का आसान और भरोसेमंद तरीका
उपभोक्ताओं की मदद के लिए
Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI)
ने लौंग की मिलावट पहचानने का सरल तरीका बताया है।
यह तरीका हर घर में अपनाया जा सकता है।
इस टेस्ट के लिए क्या चाहिए?
- एक पारदर्शी गिलास
- साफ पानी
- कुछ लौंग
टेस्ट (test) कैसे करें?
गिलास में पानी भरें।
उसमें लौंग डालें।
कुछ क्षण प्रतीक्षा करें।
परिणाम क्या बताएगा?
- शुद्ध लौंग नीचे बैठ जाती है
- तेल-निकली लौंग ऊपर तैरती है
प्राकृतिक तेल लौंग को भारी बनाता है।
तेल निकलने पर यह संतुलन टूट जाता है।
स्वास्थ्य पर इसका क्या असर पड़ता है?
तेल-निकली लौंग तुरंत नुकसान नहीं करती।
लेकिन इनमें वे तत्व नहीं होते,
जो शरीर को लाभ देते हैं।
इनसे:
- स्वाद कम मिलता है
- खुशबू हल्की होती है
- औषधीय गुण घट जाते हैं
लंबे समय तक ऐसी चीज़ों का सेवन
शरीर के प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
FSSAI: जागरूक उपभोक्ता होना क्यों ज़रूरी है?
आज हर व्यक्ति की ज़िम्मेदारी है
कि वह सिर्फ खरीदार न बने,
बल्कि समझदार उपभोक्ता बने।
जब हम शुद्धता को प्राथमिकता देते हैं,
तो हम अनावश्यक संग्रह और छल से दूरी बनाते हैं।
साधारण जीवन, सीमित आवश्यकताएँ
और ईमानदार व्यवहार —
यही स्वस्थ समाज की पहचान होते हैं।
लौंग खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें

- हमेशा पूरी लौंग खरीदें
- पिसे मसालों से बचें
- पैकेट पर FSSAI लाइसेंस देखें
- घर पर पानी वाला टेस्ट (test) करें
- शक होने पर शिकायत दर्ज करें
ये छोटे कदम
बड़ी गलतियों से बचा सकते हैं।
शुद्ध भोजन से ही स्पष्ट जीवन
हम जो खाते हैं,
वह हमारे विचारों का हिस्सा बन जाता है।
जब भोजन शुद्ध होता है,
तो जीवन में भी स्पष्टता आती है।
अगली बार लौंग खरीदते समय
उसकी सच्चाई को ज़रूर परखें।
क्योंकि
जहाँ शुद्धता होती है,
वहीं संतुलन और भरोसा पनपता है।
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