Share:

“CA Mokshesh Sheth: 24 में करोड़ों छोड़ साधु बने”

सोचिए, अगर आपके पास सिर्फ 24 साल की उम्र में Chartered Accountant जैसी बेहद कठिन डिग्री हो…
करोड़ों कमाने का रास्ता सामने खुला हो…
नाम, पहचान, करियर—सब कुछ आपकी मुट्ठी में हो…
तो आप क्या करेंगे?

ज़्यादातर लोग यही कहेंगे—“जीवन में इससे बड़ी उपलब्धि और क्या होगी?”
कोई दुनिया घूमेंगा, कोई बिज़नेस खोलेगा, और कोई लग्ज़री लाइफ़ का सपना पूरा करेगा।

लेकिन एक युवक ने—उसी उम्र में, उसी मुकाम पर, सबकुछ होते हुए भी—ऐसा निर्णय लिया जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया।

उन्होंने स्वेच्छा से ठुकरा दिए—

👉 करोड़ों की संपत्ति,
👉 एक चमकदार, guaranteed करियर,
👉 आराम, सुविधाएँ, नाम, प्रतिष्ठा—वो सब जिसके लिए लोग उम्रभर संघर्ष करते हैं।

क्यों?
क्योंकि उन्होंने बहुत कम उम्र में ही एक गहरी सचाई को पहचान लिया—
असली शांति बाहरी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि भीतर की स्थिरता, संयम और ब्रह्मचर्य में है।
उन्होंने समझ लिया कि धन कमाना आसान है, लेकिन अपने मन को जीतना—सबसे कठिन और सबसे बड़ा विजय है।

इसलिए उन्होंने अपने जीवन को आध्यात्मिक साधना के पथ पर समर्पित कर दिया।
और इसी फैसले ने उन्हें सिर्फ “CA Mokshesh Sheth” नहीं, बल्कि एक ऐसे युवा का प्रतीक बना दिया जिसने दिखाया कि सच्ची उपलब्धि संयम है, न कि संपत्ति।

CA Mokshesh Sheth: कौन हैं Mokshesh Sheth?

मुंबई के एक सम्पन्न व्यापारी परिवार से आने वाले Mokshesh Sheth बचपन से ही तेज और प्रतिभाशाली थे।
24 साल की उम्र में उन्होंने CA जैसी कठिन परीक्षा पास की। उनके आगे corporate दुनिया का सुनहरा भविष्य था – high package, बड़ी lifestyle और unlimited luxuries। लेकिन, Mokshesh ने वो रास्ता चुना जिस पर चलने की हिम्मत बहुत कम लोग कर पाते हैं—संन्यास और साधु जीवन।

Also read:
https://jinspirex.com/the-silent-giants-jain-entrepreneurs-who-are-redefining-success-with-ethics/

CA Mokshesh Sheth: ब्रह्मचर्य: केवल संयम नहीं, आत्मा की आज़ादी

बहुत लोग ब्रह्मचर्य (Self-Restraint) का अर्थ केवल शारीरिक संयम मानते हैं, लेकिन Mokshesh Sheth की कहानी हमें इसकी गहराई समझाती है।

👉 ब्रह्मचर्य (Self-Restraint) का असली अर्थ है – विचार, व्यवहार और इच्छाओं पर संयम।
👉 यह सिर्फ भोगों से दूर रहना नहीं, बल्कि अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाना है।

“Mokshesh का मानना है: धन और वैभव इंसान को बाहर से सम्पन्न बना सकते हैं, पर भीतर की तृप्ति केवल आत्मानुशासन से ही मिलती है।”

Mokshesh Sheth से Brahmacharya की 5 सीख हर युवा के लिए

  1. Distractions पर Control – जैसे उन्होंने दुनियावी लालच छोड़े, वैसे ही youth मोबाइल, social media और temptations पर संयम रख सकते हैं।

  2. मन की पवित्रता – ब्रह्मचर्य केवल शारीरिक संयम नहीं, बल्कि thoughts को भी शुद्ध करना है। नकारात्मक विचारों से दूरी = मानसिक शांति।

  3. Energy का सही उपयोग – एक student अगर अपनी energy को right focus पर लगाए, तो competitive exams और career दोनों में सफलता मिलेगी।

  4. Tyag se Shakti – Mokshesh ने करोड़ों छोड़े, youth थोड़े-से pleasures छोड़कर अपनी पढ़ाई और goals में stronger बन सकते हैं।

  5. Inner Peace > Outer Success – बाहरी achievement अस्थायी है, पर inner discipline और peace स्थायी हैं।

CA Mokshesh Sheth: प्रेरणा जो हर युवा को सोचने पर मजबूर करे

इसलिए उन्होंने अपने जीवन को आध्यात्मिक साधना के पथ पर समर्पित कर दिया।
और इसी फैसले ने उन्हें सिर्फ “CA Mokshesh Sheth” नहीं, बल्कि एक ऐसे युवा का प्रतीक बना दिया जिसने दिखाया कि सच्ची उपलब्धि संयम है, न कि संपत्ति।

आज जब युवा पैसा, पोज़ीशन और power के पीछे भाग रहे हैं, Mokshesh की कहानी हमें आईना दिखाती है।
जहाँ दुनिया “और-और-और” की दौड़ में उलझी है, वहाँ उन्होंने “कम में ही पूर्णता” ढूँढ़ ली।
उन्होंने career की ऊँचाइयों को छोड़ा, भौतिक वैभव को त्यागा, और अपनाया ब्रह्मचर्य व्रत (Self-Restraint) और आत्मिक साधना का मार्ग—वह मार्ग जिसे चुनने के लिए सिर्फ बुद्धि नहीं, अथाह साहस और निष्कपट दृढ़ता चाहिए।

यही है उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म
जहाँ इंसान दूसरों को नहीं, अपने मन को जीतता है
जहाँ जीत तालियों से नहीं,
इन्द्रियों की शांति से मापी जाती है।
जहाँ सफलता शोहरत से नहीं,
आत्मा की निर्मलता से पहचान बनाती है।

Mokshesh हमें याद दिलाते हैं कि
जीवन की सबसे ऊँची चढ़ाई ऑफिस की सीढ़ियाँ नहीं,
बल्कि अपने भीतर की अशांत लहरों पर विजय है।

उनकी यात्रा कहती है—
जो खुद को जीत लेता है, वही सचमुच विजेता है।
और यही है– आत्मा का वास्तविक उत्कर्ष।

Also read: https://jinspirex.com/kambadahalli-when-bells-ring-without-wind-know-mystery-and-heritage/

Discover More Blogs

Silver City India: भारत में कई छोटे शहर अपने आप में एक खास पहचान रखते हैं। महाराष्ट्र का यह छोटा सा शहर खामगांव भी उन जगहों में शामिल है, जिसे चांदी के लिए जाना जाता है। यह सिर्फ नाम का

377 views

राघव चड्ढा: लोकतंत्र में आवाज की अहमियत सबसे ज्यादा होती है।संसद वह जगह है, जहां जनता की बात रखी जाती है।ऐसे में अगर किसी नेता की आवाज पर रोक की बात आए, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। हाल ही में

132 views

योगी सरकार: भारत की पहचान केवल उसकी सीमाओं, भाषाओं या शासन प्रणालियों से नहीं बनती — बल्कि उसकी जड़ों, उसकी आध्यात्मिक परंपराओं और उन स्थलों से बनती है जहाँ इतिहास ने जन्म लिया। इन्हीं ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्मृतियों को पुनर्जीवित

322 views

Frozen Vegetables: आजकल एक नया ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।लोग मटर, आम, हरी सब्ज़ियाँ और कई फल महीनों के लिए फ्रीज़र में स्टोर कर लेते हैं। तर्क सीधा होता है — “मौसम में सस्ता है, अभी रख लेते हैं

254 views

Dhanteras 2025: धनतेरस सिर्फ़ ख़रीदारी या संपत्ति जुटाने का दिन नहीं है — यह उस ऊर्जा की शुरुआत है, जो पूरे वर्ष हमारे जीवन में समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मकता लाती है। मान्यता है कि इस दिन जो भी काम शुद्ध

304 views

Mumbai Watermelon Case: तरबूज खाने का सही समय और जरूरी सावधानियां Mumbai Watermelon Case: मुंबई के पायधुनी इलाके से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई।एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हुई। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किडनी फेल होना

211 views

Latest Article

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.