आँगन: पुराने आँगन बनाम आधुनिक फ्लैट्स में खोता अपनापन

आँगन: जब घर सिर्फ दीवार नहीं, एक एहसास था आँगन: कभी घर सिर्फ रहने की जगह नहीं थावो एक भावना था। जहाँ सुबह सिर्फ सूरज नहीं उगता था,बल्कि रिश्ते भी जागते थे। आँगन में बैठकर खाना,ज़मीन पर साथ बैठकर बातें करना,बिना शोर-शराबे के साथ हँसना यह सब सिर्फ आदतें नहीं थींयह एक जीवन शैली थी। […]