आचार्य विद्यासागर जी: कठोर तप, सादगी और आत्मसंयम का अनुपम उदाहरण

आज हम आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के द्वितीय समाधि दिवस पर उन्हें याद करते हैं।पूरा जैन समाज ही नहीं, बल्कि हर वह व्यक्ति उन्हें स्मरण करता है,जिसने उनके जीवन से त्याग, अनुशासन और आत्मसंयम का सच्चा अर्थ जाना। आचार्य श्री का जीवन केवल एक संत का जीवन नहीं था,बल्कि वह तपस्या, साधना और चर्या […]