UP घटना: एक असहज जीव और हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी

UP घटना: किसी भी समाज की संवेदनशीलता इस बात से नहीं मापी जाती कि वह कितनी भावनाएँ व्यक्त करता है, बल्कि इससे मापी जाती है कि वह पीड़ा को कितनी जल्दी पहचानता और कम करने की कोशिश करता है।इंसान हो या जानवर—दर्द की भाषा एक-सी होती है। फर्क बस इतना है कि कुछ बोल सकते […]