जय जिनेंद्र — जैन लोग यह शब्द रोज़ क्यों दोहराते हैं?

जय जिनेंद्र: सोचिए — आप किसी जैन परिवार के घर गए।दरवाज़ा खुला और सबसे पहले आवाज़ आई: “जय जिनेंद्र!” आप मुस्कुरा तो देते हैं —लेकिन मन में यह सवाल जरूर आता है: बहुत से लोग मज़ाक-मज़ाक में कह देते हैं — “अरे, ये जैन लोग हैं — तभी जय जिनेंद्र!” लेकिन सच्चाई यह है कि […]